समंदर के बीचो बीच कैसे होता है तेल निकालने का काम, कितनी आता है खर्च ?
India Energy Week के तीसरे संस्करण में नई दिल्ली द्वारका के यशोभूमि में दुनिया भर से हजारों महमनों के बीच नए भारत की नई तस्वीर का प्रदर्शन हो रहा है..इस आयोजन में भारत सरकार की कंपनियां या प्राइवेट सेक्टर कैसे भारत की उन्नती के काम कर करते है ये जानने को मिल रहा है इसी बीच Oil India कंपनी कैसे बीच समंदर से तेल और नेचूरल गैस निकालने का काम करती है ये जानिए इस वीडियो में
प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे से पहले रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा की गई है. इजरायल भारत के साथ ऐसी सुरक्षा तकनीक साझा करने वाला है, जिससे भारत दुश्मन के हर मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त कर सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं, जहां रक्षा और सामरिक साझेदारी मुख्य फोकस रहेगा. दोनों देशों के बीच सहयोग 10 अरब डॉलर से आगे बढ़ने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक इजरायल हाई-टेक लेजर डिफेंस और स्टैंड-ऑफ मिसाइल जैसी उन्नत तकनीकें भारत के साथ साझा करने को तैयार है.
भारत अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के तहत 114 राफेल फाइटर जेट की लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील को मंजूरी दे चुका है. अब तकनीकी और व्यावसायिक बातचीत जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस लोकल प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में रियायत दे सकता है.
PM मोदी ने फ्रांस के साथ बड़ी डील कर ली है. भारत के लिहाज से राफेल कितना अहम है ये सब जानते हैं. अगर इसमें HAMMER भी एड कर दें तो ये और भी घातक हो जाएगी. यानी कि पाकिस्तानी आतंकियों को बिल से निकाल कर ठोकने वाली मिसाइल भारत में बनेगी.
Rafale Deal: भारत की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा होने जा रहा है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I टोही विमान की खरीद को भी हरी झंडी मिली है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीद को आवश्यक स्वीकृति दी है. इनकी अनुमानित लागत 10,000 करोड़ रुपये है. यह फैसला मई 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उपयोग हुए स्टॉक को फिर से भरने के लिए लिया गया है.
भारत-नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा रहा है. ट्रांसफर वाहनों में 7.5 टन क्षमता के 20 एएलएस (ALS) ट्रक और 2.5 टन क्षमता के 30 टाटा ट्रक शामिल हैं.
यह मुलाकात इसलिए ख़ास थी कि क्योंकि साल 2002 से 2005 के बीच जनरल उपेंद्र द्विवेदी बटालियन के कमांड कर रहे थे, तो सूबेदार परवेज़ अहमद उनकी यूनिट में तैनात थे.
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