Advertisement

इजरायल से आएगा वो हथियार, जिससे थर-थर कांपेंगे दुश्मन के मिसाइल! जानें PM मोदी के दौरे का सबसे बड़ा सरप्राइज

प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे से पहले रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा की गई है. इजरायल भारत के साथ ऐसी सुरक्षा तकनीक साझा करने वाला है, जिससे भारत दुश्मन के हर मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त कर सकता है.

File_Photo

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय विदेश दौरे पर इजरायल जाने वाले हैं. भारत में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने पीएम मोदी के इजरायल दौरे को लेकर कहा कि इजरायल भारत के साथ अपने द्विपक्षीय रक्षा समझौते को बढ़ाने की योजना बना रहा है ताकि अपनी टेक्नोलॉजी शेयर की जा सके और भारत में मिलिट्री हार्डवेयर बनाया जा सके. साथ ही लेटेस्ट आयरन डोम और दूसरे डिफेंस सिस्टम में भी सहयोग बढ़ाया जा सके.

‘भारत आज इजरायल का एक बड़ा पार्टनर है’

महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने दोनों देशों के बीच संबंध को लेकर कहा, "सबसे पहले मुझे गर्व है कि न सिर्फ दोनों देशों के बीच, बल्कि दोनों नेताओं के बीच भी बहुत मजबूत कनेक्शन है. हमने यह देखा और हम जानते हैं कि वे अक्सर बात करते हैं और वे एक विजन शेयर करते हैं. खास तौर पर, जैसा कि मैंने कहा, क्योंकि हम एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और भारत आज इजरायल का एक बड़ा पार्टनर है और वे दोनों नेता, वे करीबी दोस्त हैं और वे एक ही विजन शेयर करते हैं, जो बहुत जरूरी है.”

हम भारत को एक ग्लोबल सुपरपावर के तौर पर देखते हैं- रेवाच

पीएम के इजरायल दौरे को लेकर रेवाच ने कहा, "हम बहुत उत्साहित हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इस हफ्ते इजरायल जा रहे हैं. इजरायल और भारत के बीच खास संबंधों को समझना जरूरी है और हम आज भारत को एक ग्लोबल सुपरपावर के तौर पर देखते हैं. इजरायल के इस दौरे के बारे में एक कैबिनेट प्रस्ताव भी है और यह कुछ पहलुओं, राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा प्रस्तावों पर ध्यान देगा”. 

भारत के साथ रक्षा सहयोग को बढ़ावा देगा इजरायल

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है, क्योंकि जब आप दोनों नेताओं को एक साथ मिलते हुए देखेंगे और इस एजेंडा को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे और खास तौर पर दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए कुछ प्रस्तावों को बढ़ावा देंगे, और कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे, तो यह प्राइवेट सेक्टर, कंपनियों तक जाएगा, ताकि वे भी सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश करें. साथ ही, दोनों देश आतंकवाद से भी निपट रहे हैं, तो यह उनके लिए भी एक संदेश है, और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खास तौर पर कहा कि इस दौरे का एक पहलू रक्षा सहयोग है, और हम भारत के साथ रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने और अपग्रेड करने की कोशिश करते हैं, निश्चित रूप से”. 

भारत के साथ आयरन डोम तकनीक साझा करेगा इजरायल

दोनों देशों के बीच डिफेंस डील को लेकर उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच लगातार रक्षा सहयोग बढ़ रहा है, जो बहुत अनोखा और मजबूत है, जो हम दोनों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि हम दोनों ही आपसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. अब, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस खास दौरे के दौरान, हम इस समझौते को बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं ताकि खास मुद्दों पर फोकस किया जा सके, जैसे भारत में मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा सहयोग और इजरायल में आयरन डोम और दूसरे डिफेंस सिस्टम के बारे में सहयोग ताकि हम असल में भारत में अपने पार्टनर के साथ टेक्नोलॉजी शेयर कर सकें”. 

आयरन डोम सिस्टम कितना ताकतवर?

इजरायल  का आयरन डोम एक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है. यह सिस्टम कम दूरी के रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने के लिए बनाया गया है ताकि आबादी वाले हिस्से को हमले से बचाया जा सके. इज़रायल का दावा है कि इसकी सफलता की दर 90 फीसदी है. यह रडार का इस्तेमाल अपने दुश्मनों की पहचान के लिए करता है. हालांकि, आपको बता दें कि भारत के पास भी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम है. जो दुश्मनों के नापाक इरादों को हवे में ही खत्म कर देता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE
अधिक →