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इंदौर नगर निगम का अफसर निकला करोड़पति, 80 लाख की सैलरी, ढाई करोड़ का खर्च!
इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पाण्डेय के निवास पर दबिश दी तो उसके करोड़पति होने का खुलासा हुआ.
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मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में लोकायुक्त ने नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पाण्डेय के निवास पर दबिश दी तो उसके करोड़पति होने का खुलासा हुआ. राजस्व अधिकारी की आय के मुकाबले उसकी संपत्ति 200 प्रतिशत से अधिक आंकी गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर के गजाधर नगर में रहने वाले नगर पालिका के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र कुमार पाण्डेय के यहां लोकायुक्त ने दबिश दी.
इंदौर नगर निगम का अफसर करोड़पति निकला
लोकायुक्त की कार्रवाई में पता चला है कि जितेंद्र कुमार पाण्डेय ने 31 वर्ष के सेवाकाल में अपनी वैद्य आय की तुलना में अनुपातहीन सम्पत्ति अवैध रूप से अर्जित की है .जितेंद्र ने अपनी पत्नी भावना पाण्डेय के नाम से आनंद नगर एक्सटेंशन, नवलखा चितावद, गजाधर नगर इंदौर में 40 बाय 50 का भूखण्ड कमांक 23 पर भूतल और तीन मंजिल भवन निर्माण किया है जिस पर लगभग एक करोड़ 20 लाख रुपये व्यय किया जाना पाया गया है.
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91 लाख 50 हजार रूपये में तैयार हो रहा है छात्रावास
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इसी तरह जितेंद्र की पत्नी भावना पाण्डेय के नाम से गजाधर नगर, चितावद गुलमोहर का बगीचा इंदौर स्थित भूखण्ड कमांक 32 पर भूतल और दो मंजिल भवन निर्माण कर छात्रावास संचालित किया जा रहा है, जिस पर 91 लाख 50 हजार रूपये व्यय किया जाना पाया गया है.इतना ही नहीं जितेंद्र ने अपनी पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम से चार पहिया एवं दो पहिया वाहन खरीदने एवं अन्य पर लगभग 14 लाख रुपए व्यय किया जाना पाया गया है.
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सहायक राजस्व निरीक्षक के संपूर्ण सेवाकाल में कुल अनुमानित वेतन 80 लाख रुपए प्राप्त हुआ है, जिसकी तुलना में आरोपी द्वारा अनुमानित ढाई करोड रुपए व्यय करना पाया गया है, जो कि वैध आय की तुलना में लगभग पौने दो करोड़ रुपए अधिक होकर 216.35 प्रतिशत के करीब है.इस मामले में फिलहाल कार्रवाई जारी है.आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है.