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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सराफा बाजार में बड़ी उठापटक, सोने और चांदी की कीमतों में करीब आधा प्रतिशत गिरावट

Gold-Silver Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच मंगलवार को सोने-चांदी की कीमतों में आधा फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है.

Image Source: IANS
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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक बाजार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इसके साथ-साथ सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं के भाव में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. आपको बता दें कि सोने और चांदी मंगलवार को गिरावट के साथ खुले, जिससे दोनों कीमती धातुओं का दाम आधा प्रतिशत तक कम हो गया है.  

MCX के मुताबिक सोने के भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,51,721 रुपए के मुकाबले कमजोरी के साथ 1,51,700 रुपए पर खुला. सुबह 9:50 यह 0.14 प्रतिशत या 207 रुपए की कमजोरी के साथ 1,51,514 रुपए पर था. अब तक के कारोबार में सोने 1,51,500 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,51,802 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है.

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MCX के मुताबिक चांदी के भाव

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चांदी का 05 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,41,824 रुपए के मुकाबले 2,40,490 रुपए पर खुला। फिलहाल यह 0.59 प्रतिशत 1,424 रुपए की गिरावट के साथ 2,40,400 रुपए पर था. अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,40,218 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,41,250 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है. यह दिखाता है कि सोने और चांदी दोनों में एक सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है. 

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी के भाव

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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है. कॉमेक्स पर सोना 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,680 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.48 डॉलर प्रति औंस पर था. बीते एक साल में डॉलर में सोना 40 प्रतिशत से अधिक और चांदी 126 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुका है.

अमेरिका-ईरान संघर्ष से वैश्विक बाजार प्रभावित

गौरतलब हो कि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच शांति की वार्ता फिलहाल बड़ा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. अमेरिका को दिए प्रस्ताव में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार हो गया था और अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी हटने के बाद परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने को तैयार था, लेकिन अमेरिका का मानना है कि दोनों मुद्दों का हल एक साथ निकाला जाना चाहिए, अन्यथा उसका पक्ष कमजोर हो जाएगा.

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