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शिव के सच्चे उपासक और सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक हैं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी- शान्तनु शुक्ल
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज सनातन को बढ़ाने, सहजने और दिशा दिखाने वाले ऐसे प्रतिमूर्ति हैं, जिन्होंने ना सिर्फ ख़ुद की साधना, आहार-व्यवहार से धर्म और संस्कृति का मान बढ़ाया है बल्कि युवाओं को भी इसके प्रति आकर्षित किया है.
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सनातन धर्म की सर्वोच्च परंपराओं के संवाहक और श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज को वर्तमान युग में भगवान शिव का एक सच्चा उपासक और कोटि-कोटि साधकों का मार्गदर्शक माना जाता है. हिमालय की कंदराओं से लेकर पावन गंगा तट तक उनकी कठिन तपस्या और अटूट शिव साधना सादगी और वैराग्य की जीती-जागती मिसाल है.
स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज का संपूर्ण जीवन जन-कल्याण और वैदिक संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित है. वे न केवल लाखों नागा संन्यासियों के दीक्षा गुरु हैं, बल्कि अपने दिव्य प्रवचनों, श्रीराम कथा और शिव महापुराण कथाओं के माध्यम से जन-जन में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता की अलख जगा रहे हैं.
हरिद्वार स्थित उनके आश्रम में देश-विदेश से श्रद्धालु मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की खोज में आते हैं. स्वामी जी का स्पष्ट संदेश है कि सनातन धर्म शाश्वत है, और एक सच्चा साधक वही है जो पहले एक सज्जन इंसान बनकर समाज की सेवा करे.
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उनकी इसी लोक-कल्याणकारी सोच के कारण आज वे साधकों में सर्वश्रेष्ठ और पूजनीय स्थान रखते हैं. हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी सावन में पूज्य महाराज जी की कठोर साधना देखने को मिलेगी. देखने को मिलेगा भोले बाबा के आभूषण सर्पों का आना और भोले बाबा का आशीर्वाद लेना पूरे एक माह के दौरान कई चमत्कारिक चीजें देखने को मिलेंगी. सावन के महीने में लाखों लोग पूरे देश भर से पूज्य महाराज जी का आशीर्वाद लेने हरिद्वार आते हैं और उनकी इस कठोर साधना का प्रत्यक्षदर्शी बनते हैं.
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भगवान शिव के प्रति अकल्पनीय श्रद्धा और साधना
भगवान शिव के प्रति उनकी गहन श्रद्धा उनकी साधना का मूल आधार है. नियमित जप, ध्यान, रुद्राभिषेक, वैदिक अनुष्ठान और शास्त्रों का अध्ययन उनके आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग हैं. वे अपने अनुयायियों को भी यही संदेश देते हैं कि साधना केवल मंदिरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के आचरण, व्यवहार और जीवन-पद्धति में भी दिखाई दे.
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"सावन मास में अखंड शिव आराधना में लीन रहने वाले, श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सर्वोच्च आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज साक्षात शिवभक्ति के प्रतीक हैं."
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सभी शिव भक्तों से आग्रह है कि इस सावन पूज्य महाराज जी का आशीर्वाद लेने हरिद्वार जरूर आइए.@JiKailashanand pic.twitter.com/n20pJDIDbo
सनातन के उत्थान के प्रति अतुलनीय योगदान
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आपको बता दें कि सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है. देश-विदेश में आयोजित धार्मिक सभाओं, प्रवचनों और आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से वे भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं. उनके प्रवचनों में शास्त्रीय ज्ञान के साथ-साथ जीवन को सरल, संतुलित और मूल्यनिष्ठ बनाने का व्यावहारिक संदेश भी मिलता है.
एडिट: केशव कुमार
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लेख: शान्तनु शुक्ल
वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रचार-प्रसार प्रभारी,
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज