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Pod Taxi की एंट्री! इस शहर में बिना ड्राइवर दौड़ेगी पहली स्मार्ट टैक्सी
Pod Taxi: अब छोटी छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिना किसी ड्राइवर के खुद ही चलेंगी और लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाएगी. यह सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, जिन्हें रोज ऑफिस जाना होता है या मेट्रो और रेलवे स्टेशन तक जल्दी पहुंचना होता है.
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Pod Taxi: मुंबई के सबसे व्यस्त बिज़नेस इलाक़ो में से एक बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (Bandra Kurla Complex)में अब एक बिलकुल नया और हाई टेक ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू करने की तैयारी चल रही है. यहां ड्राइवर लेस पॉड टैक्सी सिस्टम लाने की योजना है. यानी अब छोटी छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिना किसी ड्राइवर के खुद ही चलेंगी और लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाएगी. यह सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, जिन्हें रोज ऑफिस जाना होता है या मेट्रो और रेलवे स्टेशन तक जल्दी पहुंचना होता है. यह शहर के अंदर छोटे -छोटे सफर को आसान और तेज बनाने का एक नया तरीका होगा. आइए जानते है क्या खास है इन पॉड टैक्सियों में..?
कैसे होगा पॉड टैक्सि का रूट और प्लान?
इस प्रोजेक्ट का पहला फेज करीब 3 से 3.5 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें BKC के अंदर मेट्रो स्टेशन, ऑफिस एरिया और कमर्शियल जोन को आपस में जोड़ा जाएगा. बाद में इसे बढ़ाकर 8 से 9 किलोमीटर तक किया जाएगा, जिससे पूरा इलाका इस नेटवर्क में आ जाएगा. इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में BKC के अंदर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए आपको ज्यादा सोचने या इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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क्या खास है इन पॉड टैक्सियों में?
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इन पॉड टैक्सियों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इनमें कोई ड्राइवर नहीं होगा. ये पूरी तरह से ऑटोमैटिक होंगी और सेंसर, कैमरा और स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम की मदद से अपने आप चलेंगी.हर पॉड में करीब 4 से 6 लोग आराम से बैठ सकते हैं. ये गाड़ियां बिजली से चलेंगी, जिससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण भी कम होगा. इनकी स्पीड लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो शहर के अंदर सफर के लिए बिल्कुल ठीक मानी जाती है.
पॉड टैक्सी से समय की बचत और बिना रुकावट सफर
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इस सिस्टम की एक और खास बात यह है कि ये पॉड टैक्सियां हर स्टेशन पर नहीं रुकेंगी. आप जिस स्टेशन का चयन करेंगे, यह आपको सीधे वहीं लेकर जाएगी. इससे बीच-बीच में रुकने का झंझट खत्म होगा और आपका समय भी बचेगा. वहीं, इसके अलावा हर 15 से 30 सेकंड में एक पॉड उपलब्ध होगी, यानी आपको लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा. खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह बहुत बड़ी राहत साबित हो सकती है.
प्रोजेक्ट की लागत और तैयारियां
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसे सरकार और निजी कंपनियों के साथ मिलकर PPP मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा.
इस रूट पर करीब 22 एयर-कंडीशंड स्टेशन बनाए जाएंगे, जो लगभग हर 200 मीटर पर होंगे. साथ ही बांद्रा ईस्ट में एक डिपो भी बनाया जाएगा, जहां इन पॉड टैक्सियों की देखभाल और संचालन होगा.
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अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो यह सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा. इसे आगे चलकर शहर के दूसरे इलाकों और देश के अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है. अगर यह सिस्टम सही से काम करता है, तो आने वाले समय में हमारा शहर का सफर पहले से ज्यादा स्मार्ट, तेज और आरामदायक हो जाएगा.