'पहले ईरान से निपट लेता हूं फिर उसे भी देखूंगा...', ट्रंप ने कर दिया साफ, मादुरो और खामेनेई के बाद किसका नंबर!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच संकेतों में साफ कर दिया है कि उनका अगला निशाना कौन हो सकता है. इसके बाद यह आशंका तेज हो गई है कि ट्रंप वेनेजुएला और ईरान के बाद किसी और देश की सरकार को निशाना बना सकते हैं.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच संकेत दिया है कि भविष्य में अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर भी जा सकता है. खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व में भड़की लड़ाई के दौरान ट्रंप ने इशारों में एक और देश के खिलाफ संभावित कार्रवाई की बात कही. इसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वेनेजुएला और ईरान के बाद अमेरिका क्यूबा में भी राजनीतिक बदलाव की कोशिश कर सकता है.
ट्रंप ने कहा कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करना है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसके बाद अमेरिका की विदेश नीति का ध्यान क्यूबा की ओर जा सकता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जिनके माता-पिता क्यूबा से आए थे, लंबे समय से ट्रंप को इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए प्रेरित करते रहे हैं.
ट्रंप ने कर दिया साफ, कौन देश होगा अगला टार्गेट!
ट्रंप ने यह बात व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही. यह कार्यक्रम फुटबॉल क्लब इंटर मियामी सीएफ की जीत के जश्न के अवसर पर आयोजित किया गया था. इसी दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हम पहले इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं. लेकिन उसके बाद ज्यादा समय नहीं लगेगा जब अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर जाएगा.”
क्यूबा भी कर रहा समझौते की मांग!
उन्होंने दावा किया कि क्यूबा अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है और वहां रहने वाले कई लोग भविष्य में अपने देश लौट सकते हैं. हाल ही में यह खबर भी सामने आई थी कि क्यूबा की सरकार अमेरिका से बातचीत कर रही है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बातचीत किस मुद्दे पर हो रही है.
ईरान के साथ जारी युद्ध और खामेनेई सहित ईरान के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बाद ट्रंप का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और उसका सहयोगी इजरायल मिलकर दुश्मन को तेजी से कमजोर कर रहे हैं. ट्रंप के अनुसार, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने खाड़ी देशों और अमेरिका के सहयोगियों पर हमले किए, जिससे इन देशों को एकजुट होकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई का मौका मिल गया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं युद्ध में अपेक्षा से पहले ही बड़ी बढ़त हासिल कर चुकी हैं.
खत्म हो रही ईरान की वायु और नेवल पावर!
उन्होंने यह भी दावा किया कि संयुक्त हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप के अनुसार ईरान की वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसका एयर डिफेंस सिस्टम भी कमजोर पड़ गया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है.
ट्रंप के मुताबिक हाल ही में अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो के जरिए हिंद महासागर क्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया. पिछले एक सप्ताह में कई ऐसे हमले हुए हैं जिनसे ईरान की नौसैनिक ताकत को गंभीर क्षति पहुंची है. उन्होंने कहा, उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार लगभग खत्म हो चुके हैं. इसलिए उनके पास न के बराबर एयर फोर्स और एयर डिफेंस बचा है.
ईरान के 24 जहाजों को नष्ट करने का ट्रंप ने किया दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने केवल तीन दिनों के भीतर ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह कार्रवाई कब और कैसे की गई. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.
बातचीत और समझौते की मांग कर रहा ईरान: ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब बातचीत की मांग कर रहा है और युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की इच्छा जता रहा है. उनके मुताबिक ईरानी नेतृत्व की ओर से संदेश मिल रहे हैं कि वे संघर्ष समाप्त करना चाहते हैं. ट्रंप ने कहा, “वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि समझौता कैसे किया जाए. मैंने उनसे कहा कि अब आप थोड़ा देर से आए हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त सैन्य अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है और ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा चुका है.
ट्रंप ने इस दौरान ये भी कहा कि अनुसार अमेरिकी सेना और हमारे इजरायली सहयोगी मिलकर दुश्मन की ताकत को तय समय से पहले ही खत्म कर रहे हैं.” ट्रंप के अनुसार, ईरान की करीब 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और 64 प्रतिशत लॉन्च इन्फ्रास्ट्रक्चर पहले ही नष्ट किया जा चुका है.
BREAKING: Trump says that America will go to war with Cuba next after the war in Iran is “finished.”
— Really American 🇺🇸 (@ReallyAmerican1) March 6, 2026
Trump is addicted to regime change. pic.twitter.com/XqMr8CjmaI
ईरानी अधिकारियों से हथियार डालने की अपील
मिलिट्री दबाव के बीच ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग मौजूदा नेतृत्व से अलग हो जाते हैं तो वॉशिंगटन ईरान के लिए एक अलग भविष्य के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील करता हूं.” ट्रंप ने विदेशों में तैनात ईरानी राजनयिकों से भी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का साथ छोड़ने और राजनीतिक बदलाव का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर में ईरानी राजनयिकों से अपील करते हैं कि वे शरण मांगें और एक नया और बेहतर ईरान बनाने में हमारी मदद करें.”
ट्रंप के मुताबिक, इस सैन्य अभियान का असर लंबे समय में पूरे क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सकारात्मक पड़ेगा. उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में स्थिरता बढ़ेगी और तेल की कीमतों, शेयर बाजार तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले तेज कर दिए हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान आतंकवादी संगठनों का समर्थन करता है और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.
‘ईरान को भुगतने होंगे गंभीर परिणाम’
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो ईरान को और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने वैश्विक तेल बाजार का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध के बावजूद तेल की कीमतें फिलहाल काफी हद तक स्थिर हैं. ट्रंप ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे उन्हें पूर्ण सुरक्षा और इम्यूनिटी दी जाएगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस संघर्ष के कारण अमेरिका को अपनी कुछ नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव करना पड़ा है.
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ऐसे में ट्रंप के इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका का अगला लक्ष्य क्यूबा हो सकता है.
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