×
जिस पर देशकरता है भरोसा

UP के मजदूरों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में हुई बढ़ोतरी, जानें नई दरें

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में विरोध के बाद यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई. राज्यपाल की मंजूरी के साथ नई दरें लागू हो गईं, जिनमें जिलों को तीन श्रेणियों में बांटकर वेतन तय किया गया है.

UP के मजदूरों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में हुई बढ़ोतरी, जानें नई दरें
UP CM Yogi Adityanath (Screengrab)
Advertisement

उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हाल ही में हुए घटनाक्रम के बाद प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन कर दिया है. राज्यपाल की मंजूरी मिलने के साथ ही नई दरों को लागू कर दिया गया है और इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो चुकी है. इसके साथ ही अब ये नई मजदूरी दरें कानूनी रूप से प्रभावी हो गई हैं. इस फैसले को श्रमिकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.

दरअसल, बीते दिनों नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कामगारों के विरोध प्रदर्शन ने हालात को काफी तनावपूर्ण बना दिया था. श्रमिक और नियोक्ता के बीच वेतन वृद्धि को लेकर लंबे समय से गतिरोध चल रहा था, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गया. इसी स्थिति को संभालने और औद्योगिक माहौल को स्थिर करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था.

तीन श्रेणियों में बांटी गई मजदूरी

Advertisement

समिति ने अपनी रिपोर्ट में मजदूरी को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटने का सुझाव दिया, जिसे सरकार ने अंतरिम राहत के तौर पर स्वीकार कर तुरंत लागू कर दिया. सरकार के मुताबिक, प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है. पहली श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद को रखा गया है, जहां जीवन-यापन की लागत अधिक मानी जाती है. यहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी तय की गई है.

दूसरी और तीसरी श्रेणी की दरें

दूसरी श्रेणी में नगर निगम वाले अन्य जिलों को शामिल किया गया है. इन जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये मासिक मजदूरी निर्धारित की गई है. वहीं तीसरी श्रेणी में बाकी सभी जिलों को रखा गया है, जहां अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों के लिए क्रमशः 12,356 रुपये, 13,590 रुपये और 15,224 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी तय की गई है. इन सभी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता यानी वीडीए भी शामिल है.

Advertisement

पुराने संशोधन और मौजूदा असर

जानकारी देते चलें कि ध्यान देने वाली बात यह है कि 2019 और 2024 में प्रस्तावित मजदूरी संशोधन लागू नहीं हो पाए थे, जिससे मजदूरी में अंतर लगातार बढ़ता गया. अब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को ध्यान में रखते हुए इस लंबित संशोधन को लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से न सिर्फ श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि औद्योगिक शांति भी बनी रहेगी और उत्पादन पर असर नहीं पड़ेगा. यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच तनाव बढ़ रहा था और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी थीं.

यह भी पढ़ें

बहरहाल, योगी सरकार का यह फैसला श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. नई मजदूरी दरों से जहां कामगारों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं औद्योगिक माहौल भी स्थिर होने की संभावना जताई जा रही है. आने वाले समय में इसका असर उत्पादन और रोजगार पर भी साफ तौर पर देखने को मिल सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें