UP में 2 करोड़ वोटर हुए कम, SIR की फाइनल लिस्ट जारी; आपका नाम है या नहीं, ऐसे करें चेक
यूपी में SIR 2026 के तहत नई वोटर लिस्ट जारी हुई है. कुल मतदाता संख्या घटकर 13.39 करोड़ रह गई है, यानी करीब 2 करोड़ नाम कम हुए हैं. अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव पुनरीक्षण और सुधार प्रक्रिया के कारण हुआ है.
Follow Us:
UP Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026’ (SIR )की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी. 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ यह लंबा अभियान अब 166 दिनों बाद पूरा हो चुका है. नई सूची सामने आते ही सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम लिस्ट से कम हो गए हैं.
आंकड़ों में बड़ा बदलाव
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे. अब नई अंतिम सूची के अनुसार यह संख्या घटकर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 रह गई है. यानी करीब 2 करोड़ की कमी. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह कमी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसमें डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाता और स्थान बदल चुके लोगों के नाम हटाए गए हैं. दिलचस्प बात यह भी है कि 6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में कुल मतदाता संख्या 12.55 करोड़ थी. यानी पुनरीक्षण के दौरान नए नाम जोड़ने और त्रुटियां सुधारने के बाद यह संख्या बढ़ी है. खासतौर पर 18-19 साल के युवाओं की भागीदारी बढ़ी है, जिनकी संख्या 3.33 लाख से ज्यादा दर्ज की गई है.
महिला-पुरुष अनुपात में सुधार
नई वोटर लिस्ट में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़ यानी 54.54 प्रतिशत है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 6.09 करोड़ यानी 45.46 प्रतिशत है. लिंगानुपात में भी सुधार देखने को मिला है. अब 1000 पुरुषों पर 834 महिलाएं दर्ज की गई हैं, जो पहले 824 थीं. यह बदलाव महिला भागीदारी बढ़ने का संकेत देता है.
नाम नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं
अगर आपका नाम इस लिस्ट में नहीं है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. निर्वाचन विभाग ने साफ कहा है कि पात्र नागरिक कभी भी फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं. यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. इसके लिए voters.eci.gov.in और ceouttarpradesh.nic.in जैसे पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है. मोबाइल नंबर के जरिए आसानी से आवेदन किया जा सकता है. साथ ही, अगर किसी अपात्र या मृत व्यक्ति का नाम हटाना हो तो फॉर्म-7 के जरिए आवेदन किया जा सकता है. यानी लिस्ट को लगातार अपडेट करने की व्यवस्था बनी रहेगी.
अपील का भी है पूरा अधिकार
यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह अपील भी कर सकता है. इसके लिए 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. वहीं, DM के फैसले से असंतोष होने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील का विकल्प भी मौजूद है.
यह भी पढ़ें
बहरहाल, नई वोटर लिस्ट ने चुनावी माहौल में हलचल जरूर बढ़ा दी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि इन बदलावों का असर आने वाले चुनाव में किस तरह देखने को मिलेगा.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें