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अयोध्या में श्रद्धा और संस्कृति का संगम, राम की पैड़ी पर ‘सरस मेला’ और ‘साकेत संध्या’ का शुभारंभ

Saras Mela and Saket Sandhya Inaugurated: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्राम्य विकास विभाग द्वारा राम की पैड़ी पर 30 मार्च तक आयोजित होने वाले सरस मेले व साकेत संध्या अयोध्या का रविवार की शाम स्थानी कलाकारों को मंच देने का मंच देने का मौका भी मिलेगा.

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30 Mar 2026
( Updated: 30 Mar 2026
11:55 AM )
अयोध्या में श्रद्धा और संस्कृति का संगम, राम की पैड़ी पर ‘सरस मेला’ और ‘साकेत संध्या’ का शुभारंभ
Image Source: Social Media
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Ayodhya Saras Mela and Saket Sandhya inaugurated at Ram Ki Paidi: राम की नगरी अयोध्या में ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्राम्य विकास विभाग द्वारा राम की पैड़ी पर 30 मार्च तक आयोजित होने वाले सरस मेले व साकेत संध्या अयोध्या का रविवार की शाम स्थानी कलाकारों को मंच देने का मंच देने का मौका भी मिलेगा. 

उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी व जिलाधिकारी निखिल टीकाराम और मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने शुभारंभ किया. इसी के साथ साकेत संध्या का भी आगाज हुआ. इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और ग्रामीण विकास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला. उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम एवं मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह 
उपाध्यक्ष आकांक्षा समिति अयोध्या की प्रियंका ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इसके उपरांत स्वर सती जी के चित्र पर दीपप्रज्वलित व माल्यार्पण कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया.

सरस मेला साबित होगा बड़ा मंच 

मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सरस मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को नई पहचान मिलेगी. इन उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की आय, आत्मविश्वास और आजीविका में वृद्धि होगी. साथ ही, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्राप्त होंगे. सरयू आरती के बाद सप्ताह के हर शनिवार व रविवार को साकेत संध्या का आयोजन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत ऐसे मेले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम बन रहे हैं.

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विभिन्न जनपदों के लगे लगभग 47 स्टॉल

अयोध्या सहित देवीपाटन मंडल के विभिन्न जनपदों से लगभग 47 स्टॉल लगाए गए हैं. इनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विविध उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं. आकर्षण का केंद्र बने उत्पादों में अचार, राम मंदिर के मॉडल, गोलगप्पे, गाय के गोबर से निर्मित धूपबत्ती, टोकरी एवं सजावटी सामान, जैविक खाद, पापड़, फर्नीचर, सिलाई-कढ़ाई के उत्पाद तथा दुग्ध उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद न केवल स्थानीय कौशल को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सुदृढ़ करते हैं. मंडल के सभी जनपदों से उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूहों को मेले में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है. 

मेले में लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था

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मेले में व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है. मंच, टेंटेज, साउंड सिस्टम, मैनपावर, लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था की गई है. राम की पैड़ी का वातावरण सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुंजायमान है, जहां साकेत संध्या के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक झलकियां प्रस्तुत की जा रही हैं. मेले का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराना भी है। स्थानीय कलाकारों द्वारा ‘साकेत संध्या’ में भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी गई, साथ ही उन्हें अपनी कला को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला.

आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण

यह मेला महिलाओं की आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण है. हजारों श्रद्धालु और पर्यटक राम की पैड़ी पर पहुंचकर इन उत्पादों को देख रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं. सरस मेला न केवल आर्थिक रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, बल्कि अयोध्या को सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

ग्रामीण भारत के सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक

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मेले के दौरान सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें और स्वदेशी को बढ़ावा दें। यह आयोजन राम मंदिर की पावन भूमि पर ग्रामीण भारत के सामर्थ्य और महिलाओं की मेहनत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक बन गया है. इस मौके पर में विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अनुराज जैन,नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, श्रीमती सरिता वर्मा, उपायुक्त रोजगार सरिता गुप्ता, जिला मिशन प्रबन्धक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें.

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