तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: पीएमके में बड़ा विभाजन, एस रामदास करेंगे नई पार्टी का ऐलान
तमिलनाडु चुनाव: ये विवाद तब और गहरा गया जब चुनाव आयोग ने अंबुमणि रामदास को पार्टी का वैध नेता मानते हुए पीएमके के नाम और उसके लोकप्रिय 'आम' चुनाव चिह्न का अधिकार उन्हें दे दिया. इस फैसले को डॉ. एस रामदास ने अदालत में चुनौती दी थी, ताकि वे अपनी ही स्थापित पार्टी पर नियंत्रण बनाए रख सकें.
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले डॉ. एस रामदस गुरुवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान करने जा रहे हैं. यह कदम पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के भीतर गहराते विवाद और उनके बेटे अंबुमणि रामदस के साथ बढ़ते मतभेदों के बीच उठाया गया है.
कई हफ्तों से पार्टी के अंदर तनाव की स्थिति बनी हुई थी
सूत्रों के मुताबिक, यह घोषणा तिंडिवनम स्थित थैलापुरम एस्टेट में की जाएगी. माना जा रहा है कि इससे पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रहा नेतृत्व विवाद अब पूरी तरह से राजनीतिक विभाजन में बदल जाएगा. पिछले कुछ हफ्तों से पार्टी के अंदर लगातार तनाव, सार्वजनिक बयानबाजी और संगठनात्मक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी.
जानें क्या है मामला
यह विवाद तब और गहरा गया जब चुनाव आयोग ने अंबुमणि रामदास को पार्टी का वैध नेता मानते हुए पीएमके के नाम और उसके लोकप्रिय 'आम' चुनाव चिह्न का अधिकार उन्हें दे दिया. इस फैसले को डॉ. एस रामदास ने अदालत में चुनौती दी थी, ताकि वे अपनी ही स्थापित पार्टी पर नियंत्रण बनाए रख सकें.
हालांकि, अदालत का फैसला उनके खिलाफ गया, जिससे उन्हें बड़ा झटका लगा और उन्होंने अलग राजनीतिक मंच बनाने का फैसला तेज कर दिया. अब कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद डॉ. एस रामदॉस अपनी राजनीतिक ताकत को अलग से आजमाने की तैयारी में हैं.
एस रामदास ने इसके साथ मिलाया हाथ
बताया जा रहा है कि उन्होंने वीके शशिकला के समर्थन वाले नए गठबंधन 'ऑल इंडिया पुरैची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम' के साथ हाथ मिलाया है और आगामी चुनाव इसी मंच से लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.
अंबुमणि रामदॉस ने पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत की
वहीं दूसरी ओर, अंबुमणि रामदॉस ने पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. उनका गुट एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के साथ जुड़ चुका है और सीट बंटवारे में 18 सीटें हासिल कर चुका है. इससे वो आगामी चुनाव में पार्टी का आधिकारिक चेहरा बनकर उभरे हैं.
इस विभाजन का सीधा असर पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ेगा
इस पूरे घटनाक्रम से तमिलनाडु में पीएमके कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है. जमीनी स्तर के कई कार्यकर्ता अब तक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस गुट का समर्थन करें. विशेषज्ञों का मानना है कि इस विभाजन का सीधा असर पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ेगा, खासकर उत्तरी तमिलनाडु के उन इलाकों में जहां पीएमके का मजबूत प्रभाव रहा है.
नई पार्टी के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है
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नई पार्टी के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. पीएमके के महासचिव अंबाझगन के बेटे मुकिलन ने 'अय्या पासरई मक्कल काची' नाम के लिए आवेदन किया है, जिसे संक्षेप में 'अय्या पीएमके' कहा जा रहा है.
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