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‘जितना जोर लगाना है, लगा दो, हम चुन-चुनकर…’, बंगाल की धरती से अमित शाह की हुंकार, ममता बनर्जी को दी सीधी चुनौती

Amit Shah In West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देबरा में ममता सरकार पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का आरोप लगाते हुए घुसपैठियों को बंगाल से बाहर निकालने और 'कटमनी' व 'सिंडिकेट' राज को खत्म करने का संकल्प जताया.

‘जितना जोर लगाना है, लगा दो, हम चुन-चुनकर…’, बंगाल की धरती से अमित शाह की हुंकार, ममता बनर्जी को दी सीधी चुनौती
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पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा में शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सभा में पहुंचे लोगों से अपील की कि आप लोगों को 23 अप्रैल को मतदान करना है और कमल के निशान का बटन दबाना है.

बंगाल में बेरोजगारी और महिला अत्याचार बढ़े- गृह मंत्री

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ‘मां, माटी और मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आईं. हालांकि, उन्होंने हमारे युवाओं को बेरोजगार छोड़ दिया है, महिलाओं पर अनेक अत्याचार किए हैं और किसानों का जीवन कठिन बना दिया है. प्रशासन की रिश्वतखोरी और गिरोह संचालन की वजह से पूरा बंगाल राज्य पीड़ित है. ममता बनर्जी ने हमारे युवाओं को बेरोजगार किया, लाठियां भांजी, बहनों पर अत्याचार किया, किसानों को परेशान किया और अब कटमनी और सिंडिकेट से पूरे बंगाल को परेशान कर रही हैं. अब आपको इस कटमनी और सिंडिकेट से मुक्ति पानी है, घुसपैठिया मुक्त बंगाल बनाना है.

बीजेपी बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त करेगी

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अमित शाह ने कहा कि भाजपा चाहती है कि बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त कर दे, लेकिन ममता बनर्जी इन्हें संभालकर रखना चाहती हैं. ममता दीदी, जितना जोर लगाना है, लगा दो, हम एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बंगाल से बाहर निकालेंगे. ये घुसपैठिये हमारे युवाओं की नौकरी खा रहे हैं, गरीबों का चावल हजम कर रहे हैं और यहां गुंडागर्दी कर रहे हैं. ममता बनर्जी नहीं चाहतीं कि बंगाल से घुसपैठिये जाएं. मगर मैं आज कहकर जाता हूं कि चुनाव के बाद पूरे बंगाल से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर करने का काम भाजपा करेगी.

बीजेपी का सिंडिकेट राज खत्म करने का वादा

उन्होंने कहा कि सिंडिकेट यहां सभी को परेशान करता है. सीमेंट, बालू या पंखा खरीदना हो, तो हर जगह सिंडिकेट है. एक बार कमल के फूल का बटन दबा दीजिए, इस पूरे सिंडिकेट को गंगा नदी में डालने का काम भाजपा करेगी. मैं यहां ममता बनर्जी की ओर से अत्याचार कर रहे गुंडों से कहना चाहता हूं कि अपनी-अपनी जगह तय कर लो कि 5 मई के बाद कहां जाना है, क्योंकि भाजपा की सरकार आने वाली है. जो 5 तारीख के बाद यहां जनता को परेशान करेगा, उसको जेल की सलाखों में डालने का काम हम करेंगे.

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बेरोजगारों और महिलाओं को 3,000 रुपये मासिक सहायता

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, कटमनी और मोदी जी की सरकार का विरोध, इन तीनों चीजों ने यहां जनता को परेशान करके रखा है. बेरोजगारी युवाओं को परेशान कर रही है, मगर आप चिंता मत कीजिए. 5 मई के बाद भाजपा हर बेरोजगार युवा को हर महीने 3 हजार रुपए देने वाली है. हर बहन को भी उनके बैंक खाते में 3 हजार रुपए मिलेंगे. यहां के किसानों को एक साल के 9 हजार रुपए देने का काम भाजपा करेगी. जब घाटाल में बाढ़ आई, तो प्रधानमंत्री मोदी ने इस समस्या के समाधान के लिए 1,500 करोड़ रुपए का एक व्यापक मास्टर प्लान प्रस्तावित किया, जिसमें से 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी. हालांकि, टीएमसी सरकार ने घाटाल मास्टर प्लान को अस्वीकार कर दिया. यदि आप भाजपा सरकार को चुनते हैं, तो हम घाटाल मास्टर प्लान को मात्र एक वर्ष के भीतर लागू करेंगे और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेंगे.

भाजपा सरकार बनते ही बंगाल में लागू होगा UCC

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उन्होंने रूपनारायण नदी में भारी मात्रा में जमा हो रही गाद का भी मुद्दा उठाया और कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे को बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बनाने की राह तैयार करने में व्यस्त हैं. उनका आरोप है कि भाजपा सरकार के तहत बंगाल का शासन दिल्ली से चलेगा. मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री भाजपा का कार्यकर्ता होगा, जिसका जन्म और पालन-पोषण यहीं बंगाल में हुआ है. भाजपा की सरकार बनते ही हम यहां यूसीसी (UCC) लाएंगे. पूरे बंगाल के अंदर किसी को भी 4 शादी करने की अनुमति नहीं होगी. कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए. ममता बनर्जी का एक ही उद्देश्य है, अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना, जबकि मोदी जी का उद्देश्य है बंगाल के युवाओं को नौकरी देना, रोजगार देना. बंगाल पर 8 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन ममता दीदी को इसकी कोई परवाह नहीं है. उनका ध्यान वंचितों के लिए स्कूल बनाने के बजाय मदरसों के निर्माण पर केंद्रित है. उन्होंने मदरसों के लिए विशेष रूप से 5,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है.

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