असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत, लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने दिया इस्तीफा; जानें वजह
असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. नागांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. इस बीच हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस पर हमलावर हैं, जबकि राहुल गांधी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं.
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असम विधानसभा चुनाव कांग्रेस और बीजेपी के बीच स्वाभिमान की लड़ाई बन गई है. असम में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं और घुसपैठ के लिए पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए चुनावी अभियान में जुटे हुए है. यही वजह है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए विशेष प्लानिंग कर रहे हैं. लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सीनियर नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफ़ा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है. बता दें कि बोरदोलोई सूबे की नागांव संसदीय सीट से दो बार के सांसद हैं और असम सरकार में पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं.
इन सबके बीच सबसे खास बात यह है कि विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने बोरदोलोई के बेटे प्रतीक मार्गेरिटा सीट से टिकट है. ऐसे में बोरदोलोई के इस्तीफे ने राज्य के सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है. इसके साथ ही बोरदोलोई का यह कदम बताता है कि कांग्रेस पार्टी के अंदर गुटबाजी और कलह है जो इस इस्तीफ़े के बाद खुलकर सामने आ गया है. जानकारी देते चलें कि कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने भी कांग्रेस पार्टी से अपना त्यागपत्र दिया था. ऐसे में अब बोरदोलोई का यह कदम चुनावी लड़ाई में कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ा कर सकता है.
बोरदोलोई ने क्यों दिया इस्तीफा?
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को दिए गए इस्तीफे में बोरदोलोई ने एक लाइन में लिखा है कि 'बेहद दुःख और भारी मन के साथ कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और सभी पद से इस्तीफा दे रहा हूं.' लेकिन राज्य के सियासी सायनों की माने तो बोरदोलोई टिकट बंटवारे से नाराज हैं. पार्टी सूत्रों की माने तो हाल के दिनों में बोरदोलोई ने पार्टी के प्रभारी जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखकर कहा था कि अगर लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को दोबारा टिकट दिया गया, तो वह पार्टी छोड़ देंगे. उनका आरोप है कि नजर के सहयोगी एमदादुल इस्लाम ने अप्रैल 2025 में उन पर और अन्य नेताओं पर हमला किया था और जिसका जिक्र पुलिस ने चार्जशीट में भी दाखिल है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इसी साल इस्लाम से उनके घर पर मुलाकात भी की थी.
CM हिमंत ने बोरदोलोई को दिया बड़ा ऑफर
ये सियासी घटनाक्रम के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को सार्वजनिक रूप से बोरदोलोई को बीजेपी में शामिल होने का न्योता दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी न सिर्फ स्वागत करेगी, बल्कि उन्हें विधानसभा चुनाव में एक सुरक्षित सीट से लड़ने का बेहतर अवसर भी देगी.
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बहरहाल, इस इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने बोरदोलोई को मनाने की कोशिश जुटी हुई है. प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और प्रभारी जितेंद्र सिंह दिल्ली में बोरदोलोई से मुलाकात कर रहे हैं. देखना होगा कि यह मुलाकात क्या नतीजा लाती है या फिर कांग्रेस को चुनाव से पहले एक और झटका लगेगा.
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