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‘Stupid People’ वाले बयान पर घिरे US विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप कनेक्शन ने बढ़ाया विवाद, वायरल हुआ VIDEO

Marco Rubio: एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में Marco Rubio का दिया गया उनका बयान अचानक सोशल मीडिया पर बड़ा राजनितिक तूफ़ान बन गया.सिर्फ एक लाइन इंटरनेट पर इतनी तेज से वायरल हो गई. लोगों ने इसे अलग अलग तरीके से समझना शुरू कर दिया.

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26 May 2026
( Updated: 26 May 2026
09:00 AM )
‘Stupid People’ वाले बयान पर घिरे US विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप कनेक्शन ने बढ़ाया विवाद, वायरल हुआ VIDEO
Image Source: Marco Rubio
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Marco Rubio in India: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio का भारत दौरा वैसे तो भारत -अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने के मकसद से था. उन्होंने कोलकाता से लेकर दिल्ली और आगरा तक कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. भारत के विदेश मंत्री S jaishankar के साथ उनकी मुलाकात में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और QUAD जैसे अहम मुद्दों पर बात हुई. दोनों देशों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत और अमेरिका अब सिर्फ साझेदार नहीं बल्कि रणनीतिक दोस्त बन चुके है. लेकिन इसी दौरे के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया उनका बयान अचानक सोशल मीडिया पर बड़ा राजनितिक तूफ़ान बन गया. वजह थी उनका यह वाक्य - ''हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते है'' यह एक लाइन इंटरनेट पर इतनी तेज से वायरल हो गई. लोगों ने इसे अलग अलग तरीके से समझना शुरू कर दिया. किसी ने इसे नस्लवाद के खिलाफ बयान माना, तो किसी ने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर इनडायरेक्ट तंज बता दिया...आइए जानते है यह मामला शुरू कैसे हुआ..?

पूरा मामला शुरू कैसे हुआ?

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक भारतीय पत्रकार ने अमेरिका में भारतीयों और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ बढ़ती नस्लीय टिप्पणियों पर सवाल पूछा. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भारत को लेकर कई अपमानजनक बातें हुई थीं. इसी बीच ट्रंप की एक पुरानी टिप्पणी भी चर्चा में थी जिसमें उन्होंने भारत और चीन की तुलना “Hellhole” जैसे शब्द से की थी.

ऐसे माहौल में जब रुबियो से सवाल पूछा गया, तब उन्होंने माहौल को हल्का रखते हुए कहा कि दुनिया के हर देश में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बेवकूफ़ी भरी बातें करते हैं. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग अक्सर बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देते हैं और उन टिप्पणियों को पूरे अमेरिका की सोच नहीं मानना चाहिए.
उनका मकसद शायद यह बताना था कि अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को कुछ ऑनलाइन कमेंट्स के आधार पर पूरे देश को गलत नहीं समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका एक ऐसा देश है जिसने हमेशा प्रवासियों का स्वागत किया है और भारतीय समुदाय वहां बहुत सफल और सम्मानित है.

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फिर विवाद क्यों खड़ा हो गया?

समस्या बयान के शब्दों से ज्यादा उसके समय और संदर्भ को लेकर हुई. सोशल मीडिया पर लोगों ने तुरंत रुबियो के बयान को ट्रंप से जोड़ दिया. क्योंकि कुछ दिन पहले ही ट्रंप भारत पर विवादित टिप्पणी कर चुके थे, इसलिए कई लोगों ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि क्या रुबियो ने अपने ही राष्ट्रपति को “स्टुपिड” कह दिया?
इंटरनेट पर मीम्स बनने लगे. अमेरिकी और भारतीय दोनों सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को अपने-अपने राजनीतिक नजरिए से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. कुछ लोगों ने कहा कि रुबियो ने बहुत ईमानदारी से बात कही, जबकि कुछ ने इसे कूटनीतिक गलती बताया.
असल में राजनीति में शब्द बहुत मायने रखते हैं. खासकर तब, जब कोई विदेश मंत्री किसी दूसरे देश की यात्रा पर हो. वहां कही गई हर बात को कई बार अलग-अलग चश्मे से देखा जाता है.

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रुबियो ने बाद में सफाई में क्या कहा?

जब रुबियो आगरा पहुंचे तो उनसे दोबारा यही सवाल पूछा गया. तब उन्होंने साफ किया कि उनका इशारा किसी नेता या सरकार की तरफ नहीं था. उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया पर मौजूद ट्रोल्स और बॉट्स की बात कर रहे थे. यानी ऐसे अकाउंट्स जो जानबूझकर नफरत फैलाने या माहौल खराब करने का काम करते हैं. रुबियो ने दोबारा कहा कि दुनिया के हर देश में कुछ लोग होते हैं जो ऑनलाइन बेवकूफ़ी भरी बातें करते रहते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि पूरा देश वैसा सोचता है. उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि ट्रंप भारत को पसंद करते हैं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ उनके अच्छे संबंध हैं. उनके मुताबिक भारत-अमेरिका रिश्ता बहुत मजबूत है और कुछ सोशल मीडिया कमेंट्स उससे बड़ा नहीं हो सकते.

इस बयान से क्या समझ आता है?
यह पूरा विवाद एक बड़ी सच्चाई दिखाता है -आज की दुनिया में सोशल मीडिया सिर्फ बातचीत की जगह नहीं रह गया, बल्कि राजनीति और कूटनीति को भी प्रभावित करने लगा है. पहले नेताओं के भाषण सिर्फ अखबारों या टीवी तक सीमित रहते थे. अब एक छोटी-सी लाइन कुछ मिनटों में वायरल होकर अंतरराष्ट्रीय बहस बन जाती है. लोग बयान का पूरा संदर्भ नहीं देखते, सिर्फ एक हिस्सा पकड़कर उसे अपनी सोच के हिसाब से फैलाने लगते हैं. रुबियो शायद माहौल को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इंटरनेट ने उसी बयान को राजनीतिक व्यंग्य में बदल दिया. वहीं दूसरी तरफ यह भी साफ हुआ कि भारत और अमेरिका दोनों देशों में लोग नस्लवाद और अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर अब ज्यादा संवेदनशील हो चुके हैं. खासकर भारतीय समुदाय, जो अमेरिका में तेजी से प्रभावशाली बन रहा है, ऐसी टिप्पणियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है.

भारत-अमेरिका रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा?

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व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो शायद नहीं. भारत और अमेरिका के बीच इस समय रक्षा, तकनीक, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति को लेकर गहरी साझेदारी चल रही है. दोनों देशों को एक-दूसरे की जरूरत है.इसलिए किसी एक वायरल बयान से रिश्तों में बड़ी दरार आने की संभावना कम है.

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