×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'तीसरी बड़ी इकोनॉमी...उनके मामलों में दखल देना ठीक नहीं', पुतिन ने भारत का जिक्र कर दी अमेरिका को चुनौती

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ रिश्तों खासकर स्टील्थ जेट और सैन्य सहयोग पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने PM मोदी और RIC-BRICS का जिक्र कर अमेरिका को सीधी चुनौती दी है.

Author
06 Jun 2026
( Updated: 06 Jun 2026
04:59 PM )
'तीसरी बड़ी इकोनॉमी...उनके मामलों में दखल देना ठीक नहीं', पुतिन ने भारत का जिक्र कर दी अमेरिका को चुनौती
Russian President Vladimir Putin (File Photo) Image Source: IANS
Advertisement

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ सहयोग और सैन्य रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग आपसी विश्वास पर आधारित है और दोनों देशों की साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि संयुक्त विकास परियोजनाओं तक फैली हुई है.

इतना ही नहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को सुखोई-57 स्टेल्थ लड़ाकू विमान के संयुक्त निर्माण का भी प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से कई लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर खरीदे हैं. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि रूस ने अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई-57 का प्रस्ताव भी भारत को दिया है. पुतिन ने कहा, "सुखोई-57 दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है और इसे भारत को भी प्रस्तावित किया गया है."

रूस ने भारत को दिया SU-57 के साझा निर्माण का प्रस्ताव

Advertisement

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत में कहा और यह खुलासा किया कि 'रूस भारत के साथ हथियारों पर सहयोग कर रहा है...ब्रह्मोस मिसाइलें, जो जमीन और समुद्र दोनों पर आधारित हैं...हमने अपने भारतीय मित्रों को पांचवीं पीढ़ी की तकनीक पर मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया. लेकिन भारतीय मित्रों ने कहा, 'आप इसे खुद करें, हम बाद में शामिल होंगे.' उन्होंने आगे कहा कि हम विमान आपूर्ति के क्षेत्र में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं, हमें कोई आपत्ति या इसकी कोई सीमा नहीं है. रक्षा क्षेत्र के मामले में भी यही बात लागू होती है.

इसके अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-चीन-पाकिस्तान संबंधों के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि 'वो भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा संबंधी मुद्दों की जटिलताओं को अच्छी तरह जानते हैं. उन्होंने पाकिस्तान के पूरी तरह चीन के कब्जे और नियंत्रण में चले जाने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वो ऐसा नहीं मानते. उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो पाकिस्तान एक बड़ा देश है. इसके कई देशों के साथ कई तरह के संबंध हैं. बेशक, पाकिस्तान के लिए चीन के साथ सहयोग को ध्यान में रखना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हर कोई चीन के साथ संबंध बना रहा है...

'तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है भारत'

Advertisement

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और चीन के साथ उसके रिश्तों पर खुलकर बात की है. पुतिन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जीडीपी (GDP) के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर मजबूती से खड़ा है, जबकि रूस ने चौथा स्थान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि इस वक्त चीन, अमेरिका, भारत और रूस दुनिया के शीर्ष चार देश हैं.

सीमा विवाद खुद सुलझा रहे हैं मोदी और जिनपिंग

वहीं भारत और चीन के बीच के संबंधों पर बात करते हुए पुतिन ने साफ किया कि इन दोनों देशों के बीच बेहद नाजुक और बहुआयामी रिश्ते हैं. ऐसे में किसी भी तीसरे पक्ष का इनके मामलों में दखल देना बिल्कुल ठीक नहीं है.

हमारे रिश्ते एक-दूसरे को परेशान नहीं करते: पुतिन

Advertisement

पुतिन ने आगे कहा कि रूस निश्चित तौर पर अपने दोनों मित्र देशों भारत और चीन के साथ लगातार बातचीत करता है. उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व की तारीफ करते हुए जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग खुद सीमा विवादों सहित आपसी हित के सभी मामलों को पूरी जिम्मेदारी के साथ सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं.

"यह जुड़ाव सभी के लिए फायदेमंद है..."

वहीं रूस के चीन और भारत के साथ संबंधों पर पुतिन ने कहा कि उनके देश के दोनों देशों के साथ अपने संबंध हैं, चीन के साथ और भारत के साथ भी. शिकायतों की बात अलग है, लेकिन हम दशकों से इन संबंधों को स्वाभाविक रूप से मजबूत बना रहे हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि रूस के भारत के साथ संबंध चीन को परेशान नहीं करते; हमारे चीन के साथ संबंध भारत को परेशान नहीं करते... कुल मिलाकर यह जुड़ाव सभी के लिए फायदेमंद है...

RIC-BRICS का जिक्र कर अमेरिका को पुतिन का संदेश

पुतिन ने इस दौरान भारत, रूस और चीन के बीच साझा गठजोड़ पर कहा कि उन्होंने एक बार सुझाव दिया था कि भारत और चीन के नेता यहां (रूस में) मिलें, जिससे यह रूस-भारत-चीन समूह (RIC) बन जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि हमें कई मुद्दों पर चर्चा करनी थी, कुछ पर सहमति बनानी थी; हमने बाद में इस पर काम शुरू किया, फिर ब्राजील भी हमारे साथ जुड़ गया क्योंकि ब्राजील भी इसमें शामिल होना चाहता था...दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स समूह में शामिल हो गया. हम इसका विस्तार करते जा रहे हैं.

Advertisement

इससे पहले सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच के एक पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद सहयोग रहा है. रूसी राष्ट्रपति ने भारत-रूस रक्षा सहयोग के सफल उदाहरण के रूप में ब्रह्मोस मिसाइल कार्यक्रम का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह भारतीय और रूसी विशेषज्ञों के बीच सफल तकनीकी साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है.

पुतिन ने की भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की तारीफ

अपने संबोधन में पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जो किसी बाहरी दबाव या निर्देश के आधार पर निर्णय नहीं लेते. उन्होंने कहा, "भारत ने कभी भी विदेशों से मिलने वाले निर्देशों का पालन नहीं किया है. संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार को चुनौती नहीं दी जा सकती."

Advertisement

एक दिन पहले भी पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं पुतिन

पुतिन ने एक दिन पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाने की कोशिशों की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि भारत जैसे विशाल और प्रभावशाली देश के प्रधानमंत्री पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय रिश्तों के लिए नुकसानदायक है.

ये भी पढ़ें: 'मोदी पर दबाव डालना बेकार है'...पुतिन ने ट्रंप को सुनाई खरी-खरी, फिर झट से बदल गए अमेरिकी राष्ट्रपति के तेवर

रूसी राष्ट्रपति ने भारत की प्रतिभा, शिक्षा व्यवस्था और तकनीकी क्षमता की भी जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक बेहद प्रतिभाशाली, शिक्षित और कुशल हैं तथा विशेष रूप से कोडिंग और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्होंने वैश्विक पहचान बनाई है.

Advertisement

भारत-रूस के बीच भाईचारे वाले संबंध: पुतिन

यह भी पढ़ें

पुतिन ने कहा, "भारत और रूस के बीच हर मायने में बहुत अच्छे, भरोसेमंद और भाईचारे वाले संबंध हैं. हम जानते हैं कि भारतीय लोग कितने प्रतिभाशाली हैं. उनकी शिक्षा और तकनीकी दक्षता विश्वभर में सम्मानित है." उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की व्यापक संभावनाएं हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें