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कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले... अब महीने में दो बार मिलेगी सैलरी, भारत के पड़ोसी देश में जल्द लागू होगा नया नियम
जरा सोचिए कि कैसा रहेगा कि महीने में दो बार सैलरी मिलने लगे. जी हां, भारत के पड़ोसी देश में बहुत जल्द अब ऐसा ही होने जा रहा. इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित सरकारी दफ्तरों के नाम पर एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है.
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भारत के पड़ोसी देश में सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिनों में सैलरी मिलेगी, जिससे महीने में एक बार वेतन मिलने की पुरानी परंपरा टूट जाएगी. इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है. 17 अप्रैल को नेपाल में वित्त मंत्री स्तर पर लिए गए फैसले के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों को अब पखवाड़े में, यानि महीने में दो बार सैलरी दी जाएगी. इस फैसले को लागू करने के लिए संबंधित सरकारी दफ्तरों के नाम पर एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है.
क्यों लागू किया जा रहा दो बार सैलरी का नियम?
दुनिया के ज्यादातर देशों में ऐसा सिस्टम नहीं है. सरकारी कर्मचारियों को आमतौर पर महीने में एक बार ही सैलरी मिलती है. दक्षिण एशिया, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों में यही व्यवस्था है. नेपाल सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अर्थव्यवस्था को थोड़ा गति देने के लिए लिया गया है. उनका मानना है कि अगर कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा बार पैसा आएगा, तो खर्च भी बढ़ेगा और इससे बाजार में पैसों का प्रवाह बना रहेगा.
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कब से लागू होगा महीने में दो बार सैलरी का नियम?
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अभी यह साफ नहीं है कि इस फैसले को कब से लागू किया जाएगा. फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस (एफसीजीओ) के प्रवक्ता दीपक लामिछाने ने कहा, “तकनीकी तौर पर हमारे लिए इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है. हम सिविल सर्विस, नेपाल आर्मी, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और बाकी सरकारी कर्मचारियों को कभी भी सैलरी जारी कर सकते हैं.”
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इसे लागू करने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि नेपाल के सिविल सर्विस एक्ट में सैलरी हर महीने देने का प्रावधान है. कानून की धारा 28 के अनुसार, हर सरकारी कर्मचारी को हर महीने के अंत में वेतन और भत्ते दिए जाते हैं.
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न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, लामिछाने ने कहा, “शायद इस फैसले को जल्दी लागू करने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सकता है.” फिलहाल संसद सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए सरकार अध्यादेश लाकर इस फैसले को तुरंत लागू कर सकती है. उन्होंने आगे कहा कि हम इस फैसले को लागू करने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं.
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