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मुजतबा खामेनेई का पता बताओ, 10 मिलियन डॉलर का इनाम पाओ; जानें ट्रंप के टारगेट पर और कौन-कौन से ईरानी नेता

अमेरिका ने मुजतबा खामेनेई और Islamic Revolutionary Guard Corps से जुड़े अधिकारियों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर इनाम घोषित किया है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान के साथ ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले तेज हो गए हैं.

Donald Trump/ Mojtaba Khamenei (File Photo)

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. अमेरिका ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता के बारे में जानकारी देने वालों के लिए भारी इनाम की घोषणा कर दी है. करीब 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 92 करोड़ 47 लाख रुपये का इनाम उस व्यक्ति को देने का ऐलान किया गया है, जो ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में ठोस जानकारी देगा.

इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल और तेज हो गई है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बयानों से भी संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका अब इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ तक ले जाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के कई ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों में तेल प्रतिष्ठानों से लेकर सैन्य ठिकानों और शीर्ष नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है.

मुजतबा खामेनेई बने निशाने पर

अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत यह इनाम घोषित किया गया है. यह ऐलान उन लोगों को इनाम देने के लिए चलाया जाता है जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अहम जानकारी देते हैं. इस योजना का संचालन अमेरिकी राजनयिक सुरक्षा सेवा द्वारा किया जाता है. अधिकारिक बयान के अनुसार यह इनाम उन लोगों के लिए है जो Islamic Revolutionary Guard Corps से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देंगे. अमेरिका का आरोप है कि आईआरजीसी की कई इकाइयां वैश्विक स्तर पर हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रही हैं. जिन लोगों के बारे में जानकारी देने पर इनाम की घोषणा की गई है, उनमें मुजतबा खामेनेई के साथ सर्वोच्च नेता के कार्यालय के उप प्रमुख अली असगर हेजाजी और ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी का नाम भी शामिल है.

क्या हमलों में घायल हुए मुजतबा?

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं. दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस मुद्दे ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक इंटरव्यू में कहा कि मुजतबा खामेनेई जिंदा हैं, लेकिन संभव है कि वे घायल हों. ट्रंप का कहना है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता अभी जीवित हैं, लेकिन उनकी हालत पूरी तरह सामान्य नहीं है. दरअसल हाल के हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी. इसके बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया. हालांकि इस पद पर नियुक्ति के बाद से मुजतबा सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि हमलों में मुजतबा खामेनेई के परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई. हालांकि इन खबरों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है.

अमेरिका ने भेजी भारी फ़ोर्स 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं. अमेरिका ने अपने अतिरिक्त सैनिकों और युद्धपोतों को क्षेत्र की ओर रवाना करना शुरू कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 2,500 अमेरिकी मरीन सैनिकों को पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है. इसके साथ ही अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली को भी क्षेत्र की ओर बढ़ने का आदेश दिया गया है. इस कदम को अमेरिका की बड़ी सैन्य तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि इन सैन्य गतिविधियों से साफ संकेत मिलता है कि क्षेत्र में तनाव फिलहाल कम होने वाला नहीं है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान जल्द ही दबाव में आ सकता है और संभव है कि वह समझौते या आत्मसमर्पण की दिशा में कदम बढ़ाए.

फिलहाल मिडिल ईस्ट की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. दुनिया भर की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा और क्या कूटनीति के जरिए कोई समाधान निकल पाएगा या फिर यह संकट और गहरा होगा.

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