ईरान से जंग के बीच भारत को नहीं होगा तेल संकट, रूस से 30 दिनों तक तेल खरीद सकता है भारत, US ने दी छूट?
अमेरिका ने रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते कई देशों पर रूस से तेल न खरीदने की धमकी दी थी. अमेरिका के साथ-साथ अन्य पश्चिमी देशों ने भी रूस पर प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन भारत दबाव के आगे नहीं झुका.
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जंग ने वैश्विक स्तर पर उथल पुथल मचा दी है. इस जंग में न केवल खून बह रहा है साथ ही साथ उर्जा संकट भी पैदा कर दिया है. दावा किया जा रहा था कि भारत के पास केवल 20-25 दिनों का तेल बचा है, इस बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है. जिसका सीधा असर भारत पर होगा. अमेरिका ने रूस को 30 दिन तक भारत को तेल बेचने की अस्थायी छूट दी है.
अमेरिका के इस फैसले के बाद रूस के उन जहाजों कोे बड़ी राहत मिलेगी. जो महीनों से तेल लेकर भटक रहे हैं और जिन्हें खरीदार नहीं मिल रहे हैं. इससे ऑयल मार्केट पर भी दबाव कम होगा. अमेरिका ने ईरान जंग के बीच तेल संकट को भांपते हुए समुद्र में फंसे रूसी तेल को भारत को बेचने की इजाजत दी है. US ने तेल बेचने के लिए 30 दिन की छूट दी है.
US ने छूट पर क्या कहा?
भारत की तेल रिफ़ाइनरियों के 30 दिन की तेल ख़रीद छूट का ऐलान करते हए अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऊर्जा नीति के कारण तेल और गैस का उत्पादन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है.'
स्कॉट बेसेंट ने कहा, वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ( वित्त मंत्रालय) भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने वाली 30 दिनों की अस्थाई छूट जारी कर रहा है. यह जानबूझकर बहुत कम अवधि के लिए दिया गया है, इसलिए इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह केवल उन तेल सौदों की अनुमति देता है जो पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल से जुड़े हैं. भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और हमें पूरी उम्मीद है कि भारत अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा.’
यूक्रेन से जंग के बीच US ने दी थी धमकी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वाशिंगटन ने रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों से जुड़ी मौजूदा पाबंदियों के बावजूद शिपमेंट को आगे बढ़ने की इजाजत दी है. दरअसल, अमेरिका ने रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते कई देशों पर रूस से तेल न खरीदने की धमकी दी थी. अमेरिका के साथ-साथ अन्य पश्चिमी देशों ने भी रूस पर प्रतिबंध लगाए थे.
हालांकि इसके बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखी. जिसके चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ समेत कई धमकियां भी दीं, लेकिन भारत ट्रंप के दबाव के आगे नहीं झुका. इससे पहले फरवरी 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत ने रूसी तेल ख़रीद बंद करने का वादा किया है. इसलिए उसके साथ ट्रेड डील की जा रही है और उस पर लगा 50 फ़ीसदी टैरिफ़ घटा कर 18 फ़ीसदी कर दिया गया है.
अमेरिका ने क्या प्रतिबंध लगाए थे?
दरअसल, US ने रूसी तेल से जुड़ी कुछ शिपिंग कंपनियों और टैंकर पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे. इससे कई जहाजों के बीमा, भुगतान और पोर्ट एंट्री पर सवाल खड़े हो गए थे. नए अमेरिकी प्रतिबंधों और भुगतान/बीमा की अनिश्चितता की वजह से उनका तेल तुरंत उतारा नहीं जा रहा था. भारत के सामने भी नियमों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे. इसलिए रूस के तेल टैंकर समुद्र में ही खड़े थे. हालांकि अब अमेरिका ने रूसी जहाजों के लिए रास्ता साफ कर दिया है. जिसके बाद भारतीय तेल कंपनियां रूसी तेल की जल्द डिलीवरी के लिए व्यापारियों से बातचीत कर रही हैं.
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