‘अगर सही काम नहीं किया तो…’, वेनेजुएला में सत्ता संभालते ही डेल्सी रॉड्रिगेज पर ट्रंप का हमला, बोले- मादुरो से भी बुरा होगा अंजाम
अमेरिकी ऑपरेशन के बाद वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन हुआ है. उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया है. उनके पद संभालते ही अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर रॉड्रिगेज ने सही फैसले नहीं लिए तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.
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वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी ऑपरेशन के बाद सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल गया है. फिलहाल देश की कमान उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज के हाथों में है, जिन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया है. इस राजनीतिक बदलाव के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है. खासकर अमेरिका का रुख लगातार सख्त होता दिखाई दे रहा है, जिससे लातिन अमेरिकी देश के भविष्य को लेकर नई बहस छिड़ गई है.
डेल्सी रॉड्रिगेज को अमेरिका ने दी चेतावनी
कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभालते ही डेल्सी रॉड्रिगेज को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी का सामना करना पड़ा है. ‘द अटलांटिक’ पत्रिका को दिए गए टेलीफोनिक साक्षात्कार में ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर रॉड्रिगेज वेनेजुएला के हित में सही फैसले नहीं लेतीं, तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. ट्रंप का यह बयान सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि आने वाले दिनों की अमेरिकी रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप का यह बयान उनके हालिया रुख से उलट नजर आता है. इससे एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने डेल्सी रॉड्रिगेज से बातचीत की है. उस बातचीत में यह संकेत मिला था कि रॉड्रिगेज वेनेजुएला में जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अमेरिका द्वारा जरूरी समझे जाने वाले कदम उठाने को तैयार हैं. इस बयान से कुछ समय के लिए यह उम्मीद जगी थी कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है. हालांकि, यह नरमी ज्यादा देर तक नहीं टिकी. डेल्सी रॉड्रिगेज ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश से बाहर ले जाने की अमेरिकी कार्रवाई की खुलकर आलोचना की. उन्होंने मांग की कि अमेरिका मादुरो को वापस वेनेजुएला लौटाए. इसी मुद्दे पर ट्रंप का लहजा फिर सख्त हो गया. उन्होंने साफ कहा कि अगर रॉड्रिगेज सही रास्ते पर नहीं चलतीं, तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है.
वेनेजुएला में अमेरिका की होगी कैसी भूमिका?
अब सवाल यह उठता है कि अमेरिका आगे क्या भूमिका निभाएगा. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को संकेत दिया कि अमेरिका वेनेजुएला के दैनिक शासन में सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं निभाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य हथियार तेल नाकेबंदी रहेगा. इसके जरिए वेनेजुएला पर नीतिगत बदलावों का दबाव बनाया जाएगा. रुबियो का यह बयान उन चिंताओं को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिनमें लंबे समय तक विदेशी हस्तक्षेप और असफल राष्ट्र निर्माण की आशंका जताई जा रही थी. दरअसल, ट्रंप ने पहले यह घोषणा की थी कि मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का शासन संभालेगा. इस बयान से ऐसा लगा था कि काराकस पर वाशिंगटन का सीधा नियंत्रण हो सकता है.
बहरहाल, रुबियो ने अधिक संतुलित दृष्टिकोण पेश किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका पहले से लागू तेल प्रतिबंधों को जारी रखेगा और उसी प्रभाव का इस्तेमाल वेनेजुएला में बदलाव के लिए करेगा. कुल मिलाकर, वेनेजुएला इस समय सत्ता परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक अस्थिरता के जटिल दौर से गुजर रहा है. आने वाले दिन तय करेंगे कि डेल्सी रॉड्रिगेज इस दबाव में देश को किस दिशा में ले जाती हैं.
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