अचानक जेल पहुंचे डॉक्टर, आधी रात को ‘गायब’ हुए इमराना खान! आखिर क्या है उनकी आंखों के ऑपरेशन का रहस्य

जेल में आधी रात को डॉक्टरों की टीम की अचानक एंट्री और इमरान खान के आंखों के ऑपरेशन की खबरों ने पाकिस्तान में सियासी सस्पेंस बढ़ा दिया है.

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25 Feb 2026
( Updated: 25 Feb 2026
08:00 AM )
अचानक जेल पहुंचे डॉक्टर, आधी रात को ‘गायब’ हुए इमराना खान! आखिर क्या है उनकी आंखों के ऑपरेशन का रहस्य

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक और पूर्व वजीर-ए-आजम इमरान खान की आंखों को लेकर सियासी जुबानखर्ची का दौर जारी है. मंगलवार सुबह आंखों के अस्पताल में हुए फॉलो-अप इलाज को लेकर उनकी पार्टी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. जाने माने मीडिया हाउस डॉन के अनुसार, पीटीआई ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सरकार की ओर से बरती “सीक्रेसी” पर आपत्ति जताई.

इमरान खान का पहला मेडिकल प्रोसीजर 24 जनवरी को किया गया था

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के एक डॉक्टर के मुताबिक, इमरान को 24 फरवरी को एंटी-वीईजीएफ इंट्राविट्रियल इंजेक्शन की दूसरी डोज के लिए अस्पताल लाया गया था. जनवरी के आखिर में इमरान की आंख की बीमारी—राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ)—का पता चला था. उनका पहला मेडिकल प्रोसीजर, जो 24 जनवरी को किया गया था, सरकार ने पांच दिन बाद इसकी पुष्टि की थी. तब से, सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिसमें विपक्ष ने ट्रांसपेरेंसी की कमी, सही इलाज न उपलब्ध कराने, और उनके निजी चिकित्सकों को उन तक पहुंचने की इजाजत न देने का आरोप लगाया है. हालांकि सरकार इन आरोपों से इनकार करती है.

पिम्स के डाक्टर ने क्या बोला?

पिम्स के डॉक्टर ने कहा, “प्रोसीजर से पहले, स्पेशलिस्ट के एक बोर्ड ने उनकी जांच की थी. एक कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट ने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी भी की, और एक कंसल्टेंट फिजिशियन भी मौजूद था”. उन्होंने आगे कहा, “पिम्स और अल-शिफा आई हॉस्पिटल के एक कंसल्टेंट विट्रियो-रेटिनल सर्जन की गाइडेंस में एंटी-वीईजीएफ के इंट्राविट्रियल इंजेक्शन की दूसरी डोज दी गई”.

इमरान की हालत में सुधार के बाद डिस्चार्ज किया गया था

आपको बता दें कि अल-शिफा ट्रस्ट आई हॉस्पिटल रावलपिंडी में है, जबकि शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल (जहां परिवार और निजी चिकित्सक उन्हें ले जाना चाहते हैं) इस्लामाबाद में है. इमरान के इलाज के बारे में पिम्स के डॉक्टर ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया एक डे केयर सर्जरी की तरह संपन्न हुई. डॉक्टर ने बताया कि प्रोसीजर से पहले, उसके दौरान और बाद में इमरान की हालत बहुत स्थिर रही, और उन्हें देखभाल के निर्देशों, फॉलो-अप सलाह और दस्तावेजों के साथ डिस्चार्ज कर दिया गया. 

इमरान के समर्थकों ने ‘स्वतंत्र और पारदर्शी’ मेडिकल केयर की मांग दुहराई

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पाकिस्तान के संसदीय कार्यमंत्री तारिक फजल चौधरी ने एक्स पोस्ट में कहा कि यह "साफ करना जरूरी है कि सरकार उन्हें (इमरान को) सभी कानूनी और मानवीय जरूरतों को पूरा करते हुए कड़े सुरक्षा इंतजामों में पिम्स ले गई”. उन्होंने आगे कहा कि पीटीआई संस्थापक को तीसरा इंजेक्शन 24 मार्च को लगाया जाएगा. अब मंत्री के इसी बयान पर पीटीआई ने ऐतराज और हैरानी जताई है. पीटीआई के आधिकारिक एक्स अकाउंट से कहा गया कि ऐसे “हालात में पारदर्शिता की आवश्यकता है, सीक्रेसी (रहस्य बनाने) की नहीं”. पार्टी ने कहा कि इस तरह के “छुपा कर किए गए काम से और सवाल ही उठते हैं.” पार्टी ने पूछा, “वे क्या छिपा रहे हैं?” और अपनी मांग दोहराई कि इमरान को “स्वतंत्र और पारदर्शी मेडिकल केयर” के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए.

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