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तीन पत्रकारों की मौत का मामला- इजरायल ने आखिरकार झुकाया सिर, कबूली गलती और किया कार्रवाई का वादा

इजरायली सेना ने तीन पत्रकारों की मौत के मामले में अपनी जवाबदेही स्वीकार करते हुए अपनी गलती मानी है और भविष्य में सुधार व कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई में तीन पत्रकारों की मौत का मामला सामने आया है. इस घटना में शुरुआती जांच पूरी करने के बाद इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने सैनिक की गलती को माना और जानकारी दी है कि आगे की पूरी जांच के बाद आरोपी सैनिक के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी. आईडीएफ (IDF) ने बताया कि चीफ ऑफ जनरल स्टाफ ने जूडिया और सामरिया के क्षेत्र ए में एक गैर-कानूनी चौकी को खाली कराने के दौरान इलाके की सुरक्षा करते समय पत्रकारों के साथ आईडीएफ सैनिकों के बर्ताव की जांच पूरी कर ली है.

बदले की कार्रवाई सेना के मूल्यों के खिलाफ

घटना को लेकर चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ एलटीजी इयाल जमीर ने कहा, "यह एक गंभीर नैतिक घटना है, जो आईडीएफ के नियमों और मूल्यों के खिलाफ है. हम सभी ने भर्ती होने पर कसम खाई थी, हथियारों का इस्तेमाल सिर्फ मिशन को पूरा करने के लिए किया जाएगा, बदला लेने के लिए कभी नहीं. हम आईडीएफ के रैंक में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे. खासकर इस न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक युद्ध के बीच, आईडीएफ की लीडरशिप और मूल्यों को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है”.

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गलत नियमों और अनुशासन पर कोई समझौता नहीं

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इयाल जमीर ने आगे कहा, "नेत्जा येहुदा बटालियन, जिसमें इसके पुराने सैनिकों से बनी रिजर्व बटालियन भी शामिल है, हमारे लिए प्यारी और जरूरी है और हमने इसे मजबूत करने में काफी निवेश किया है. हम उन रिजर्व सैनिकों की कद्र करते हैं, जो लगन से सेवा करते हैं, लेकिन आईडीएफ में गलत नियमों के लिए कोई जगह नहीं है. हमारे मूल्यों की रक्षा करने की जिम्मेदारी सबसे पहले कमांडरों की है, और हम इससे कोई समझौता नहीं करेंगे”.

अवैध चौकी हटाने के दौरान हुई घटना

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आईडीएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया, "सेंट्रल कमांड के कमांडर द्वारा घटना की समीक्षा के बाद, जांच के नतीजे रविवार को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ को दिखाए गए. जांच में कोऑर्डिनेटर ऑफ गवर्नमेंट एक्टिविटीज इन द टेरिटरीज (सीओजीएटी), हेड ऑफ द पर्सनल डायरेक्टरेट, मिलिट्री एडवोकेट जनरल और जूडिया एंड सामरिया डिवीजन के कमांडर शामिल थे. जांच के परिणाम से पता चलता है कि घटना में जिन सैनिकों का नाम आया है, वे टकराव रोकने के लिए काम कर रहे थे. सैनिक एरिया ए में बुधवार और गुरुवार के बीच रात में बनाई गई एक गैर-कानूनी चौकी को खाली कराने के पास वाले इलाके में काम कर रहे थे”.

सुरक्षा जांच के बाद पत्रकार को रिहाई मिली

बयान में बताया गया कि इस दौरान पत्रकारों की एक टीम कई फिलिस्तीनियों के साथ मौके पर पहुंची. इलाके में काम कर रहे सैनिकों ने रिपोर्टिंग टीम और फिलिस्तीनी लोगों के बीच पहचान की पुष्टि की और दोनों समूहों की सुरक्षा जांच की. सिक्योरिटी स्क्रीनिंग के बाद, टीम के एक सदस्य को छोड़कर बाकी सभी को छोड़ दिया गया, जिसकी पहचान पत्रकार के तौर पर होने के बाद उसे छोड़ दिया गया.

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आरोपित सैनिक पर जांच के बाद होगी कार्रवाई

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आईडीएफ ने इस बात को स्वीकार किया कि ग्राउंड पर मौजूद सैनिकों ने रिपोर्टरों के साथ बातचीत के दौरान दुर्व्यवहार किया. बयान में कहा गया कि सैनिक की तरफ से किया गया दुर्व्यवहार आईडीएफ के मूल्यों से मेल नहीं खाती है. अब इस मामले में आरोपित इजरायली सैनिक के खिलाफ आगे की जांच के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी.

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