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ईरान से जंग के बीच इस मुस्लिम देश से पक्की हो गई इजरायल की दोस्ती, हिफाजत के लिए उठाया ऐसा कदम, पूरी दुनिया हैरान
ईरान से जारी युद्ध के बीच इजरायल ने अपने 'नए दोस्त' के लिए सभी मान्यताओं को तोड़ दिया है. उसने पहली बार वो काम काम किया, जिसे उसने अभी तक किसी और देश के लिए नहीं किया था. इजरायल का यह कदम हर किसी को चौंका रहा है.
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ईरान के साथ दो महीने से जारी अमेरिका और इजरायल की जंग के बाद से जियो-पॉलिटिक्स और पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र के समीकरणों में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं. अब ताजा रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि इस युद्ध के बीच इजरायल संयुक्त अरब अमीरात के बेहद नजदीक आता जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए अपना ताकतवर आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम UAE में तैनात किया है.
मिडिया रिपोर्ट्स में इस तरह की जानकारी एक अमेरिकी न्यूज आउटलेट Axios की रिपोर्ट्स के हवाले चल रही हैं. रिपोर्ट में दो इजरायली अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि ईरान के हमलों के के बीच इजरायल ने UAE को बढ़ते खतरों से निपटने के लिए अपना एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराया है. यूएई में इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती अपने आप में बेहद खास और अप्रत्याशित है. इजरायल ने इस सिस्टम के न सिर्फ वहां तैनात किया है, बल्कि इसे चलाने के लिए कुछ सैनिक भी भेजे हैं.
बेहद अहम है यह तैनाती
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यूएस न्यूज आउटलेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से बातचीत के बाद इस सिस्टम को तैनात करने का फैसला लिया. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक आयरन डोम बैटरी, इंटरसेप्टर और कई दर्जन सैनिक UAE भेजे, जो जमीन पर इस सिस्टम को ऑपरेट कर रहे हैं.
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यूएई में इस एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती इसीलिए अहम है, क्योंकि यह पहली बार है जब इजरायल ने अपना आयरन डोम सिस्टम किसी दूसरे देश में भेजा है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा कि UAE ऐसा पहला देश बन गया है जहां अमेरिका और इजरायल के बाहर इस सिस्टम का इस्तेमाल हुआ.
UAE पर ईरान ने किए बड़े हमले
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इस युद्ध के शुरू होने के बाद से ईरान ने UAE पर कई बड़े हमले किए अमीरात के अधिकारियों के मुताबिक, इस युद्ध के दौरान ईरान ने UAE पर करीब 550 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें और 2200 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं. इसके बाद इजरायली एयर फोर्स ने दक्षिणी ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए. इन हमलों का मकसद कम दूरी की मिसाइलों को पहले ही नष्ट करना था, ताकि वे UAE और दूसरे खाड़ी देशों तक न पहुंच सकें.
इजरायल और यूएई की करीबी से कई देश हैरान
ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच गहराते तनाव ने क्षेत्रीय समीकरणों को इस कदर बदल दिया है कि अब अमीराती धरती पर इजरायली सैनिकों की मौजूदगी संभव हो गई है. युद्ध छिड़ने से पहले इस तरह के सैन्य कदम की कल्पना करना भी राजनीतिक रूप से लगभग असंभव था, मगर बदलते हालातों ने इसे हकीकत बना दिया है.
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इस विषय पर एक अमीराती अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, जो भी देश उनकी रक्षा में मददगार साबित होगा, उसका वे स्वागत करेंगे. इसी संदर्भ में, UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने भी महीने की शुरुआत में संकेत दिया था कि ईरान की आक्रामक गतिविधियों का सीधा परिणाम इस क्षेत्र में इजरायल के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखने को मिलेगा. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद गरगाश की बात ठीक साबिक होती दिख रही है.