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PM मोदी के 'नाराज फूफा' वाले तंज के बीच IMF का बड़ा बयान, बताया क्यों भारत बना दुनिया की आर्थिक ग्रोथ का बड़ा इंजन
भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर सवालों के बीच IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की तारीफ की है. IMF की जूली कोज़ैक ने कहा कि मजबूत सेवा क्षेत्र और निर्यात के चलते भारत वैश्विक ग्रोथ का अहम इंजन बना हुआ है.
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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी किसी मंच से भारत के आर्थिक विकास यानी बढ़ती हुई इकोनॉमी का दावा करते हैं, तो विपक्षी दलों के नेताओं को मिर्ची लग जाती है. और वो पीएम मोदी की बातों का मजाक बनाकर उन पर तंज ऐसे कसते हैं, जैसे घर की शादी में कोई 'फूफा' खाने-पीने की सही व्यवस्था न मिलने पर नाराज हो गया हो. लेकिन अब इन 'नाराज फूफा' टाइप नेताओं को करारा जवाब प्रधानमंत्री मोदी या उनकी सरकार के किसी मंत्री ने नहीं, बल्कि IMF के कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की डायरेक्टर जूली कोज़ैक ने दिया है. उन्होंने बढ़ती हुई GDP का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि भारत दुनिया के लिए ग्रोथ का एक अहम इंजन बना हुआ है. IMF की तरफ से जारी यह बयान सिर्फ़ विपक्षी नेताओं के लिए नहीं बल्कि उन देशों के लिए भी है जो भारत को कम आंकते हैं.
पहले तिमाही में कैसा रहा ग्रोथ?
दरअसल, 31 अगस्त को सामने आए सरकारी आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर एक नई तस्वीर पेश की. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच देश की GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई. पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह आंकड़ा उम्मीद से बेहतर रहा. मजबूत ग्रोथ के इन आंकड़ों ने जहां भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर भरोसा बढ़ाया, वहीं GDP की गणना के तरीके और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर बहस भी तेज हो गई. कुछ पूर्व अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों ने सवाल उठाए कि क्या 7.8% की विकास दर वास्तव में देश की जमीनी आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह सामने रखती है. इसी बीच एक प्रेस ब्रीफिंग में IMF की कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की निदेशक जूली कोजक ने भारत की ग्रोथ को लेकर सकारात्मक बात कही. उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में भारत की विकास दर 7.8% रही, जिसमें सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और उम्मीद से अधिक निर्यात गतिविधि की अहम भूमिका रही.
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Watch: Director of the IMF’s Communications Department Julie Kozack says, "India's real GDP in the second quarter grew by 7.8%. That was above our staff expectations and also the consensus among other observers. This upward surprise was driven by stronger-than-expected activity… pic.twitter.com/0WZOPGtLBh
— IANS (@ians_india) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 10, 2026Advertisement
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IMF ने क्या कहा?
आईएमएफ के अधिकारियों के मुताबिक, भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति यह दिखाती है कि देश बाहरी दबावों के बीच भी अपनी ग्रोथ बनाए रखने में सक्षम है. जूली कोजक ने कहा कि भारत अभी भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है. अर्थव्यवस्था ने अच्छा प्रदर्शन किया है और हमने अपने ग्रोथ अनुमान को बढ़ाया है. जूली कोज़ैक ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि मैं आपके सवाल का जवाब इस तरह दूंगी, और यह बात भारत और उन सभी देशों पर लागू होती है जो तेल आयात करते हैं. ज़ाहिर है, जब ऊर्जा या तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों के 'बैलेंस ऑफ़ पेमेंट्स' (भुगतान संतुलन) पर दबाव पड़ता है. इससे उनकी वित्तीय स्थिति पर भी दबाव पड़ सकता है, और यह काफी हद तक उनकी वित्तीय संरचना पर निर्भर करता है. अब, कुछ मामलों में असल में कई मामलों में देशों ने इस झटके के असर को कम करने के लिए कदम उठाए हैं. और भारत जैसे कुछ देशों के मामले में, यह झटका ऐसे समय में लगा है जब देश की आर्थिक स्थिति मज़बूत थी, और भारत के साथ यही स्थिति है.'
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भारतीय अर्थव्यवस्था मज़बूत
आईएमएफ के अधिकारियों के मुताबिक, भारत के इस बेहतर नतीजे की वजह सर्विस सेक्टर और एक्सपोर्ट में उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी थी. जूली कोज़ैक ने कहा मुझे लगता है कि हम यह कह सकते हैं कि यह नतीजा एनर्जी की कीमतों में अचानक आए उछाल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती को दिखाता है. और इसका मतलब यह भी है कि, जैसा कि हम काफ़ी समय से कहते आ रहे हैं, भारत दुनिया के लिए ग्रोथ का एक अहम इंजन बना हुआ है.'
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PM मोदी ने भी अर्थव्यवस्था पर कही थी बड़ी बात
देश की आर्थिक स्थिति को लेकर जारी चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में अर्थव्यवस्था की मौजूदा तस्वीर पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि भारत अब ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ के दौर से आगे निकलकर ‘पॉलिसी डायनामिज्म’ की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने 7.8 प्रतिशत की तिमाही आर्थिक वृद्धि को देश के बढ़ते भरोसे और मजबूत होते आर्थिक आधार का संकेत बताया. उन्होंने याद दिलाया कि एक समय भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ जैसी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जाता था, जबकि आज वैश्विक स्तर पर उसे तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है. आर्थिक विकास दर पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए पीएम ने 'नाराज फूफा' का भी जिक्र किया था. इसी बीच अब IMF ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बढ़ती तेल कीमतों के संभावित असर को लेकर अपना रुख साफ किया है.
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बहरहाल, भारत की आर्थिक रफ्तार पर भले ही सियासी सवाल उठते रहें, लेकिन IMF के ताजा आकलन ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर मुहर लगा दी है. मजबूत GDP ग्रोथ, बेहतर प्रदर्शन करता सर्विस सेक्टर और बढ़ता निर्यात इस बात के संकेत हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत अपनी विकास की रफ्तार बनाए हुए है.