10 मिनट में खाना पहुंचाने वाला पॉपुलर ऐप हमेशा के लिए बंद, बढ़ते नुकसान के चलते लगा ताला

Food Delivery App Shut Down: भारत की बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy ने अपने 10 मिनट में खाना पहुंचाने वाले ऐप को हमेशा के लिए बंद कर दिया है. समय के साथ कंपनी को महसूस हुआ कि इस मॉडल से लगातार घाटा हो रहा है और इसे लंबे समय तक चलाना मुश्किल हो रहा है.

10 मिनट में खाना पहुंचाने वाला पॉपुलर ऐप हमेशा के लिए बंद, बढ़ते नुकसान के चलते लगा ताला
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Snacc App Shut Down: भारत की बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy ने अपने 10 मिनट में खाना पहुंचाने वाले ऐप Snacc को हमेशा के लिए बंद कर दिया है. कंपनी ने यह फैसला लगभग एक साल बाद लिया. Snacc को जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया था. इसका मकसद था कि ग्राहकों को स्नैक्स, ड्रिंक्स, छोटे-छोटे मील्स और डेज़र्ट जैसी चीजें सिर्फ 10 से 15 मिनट में घर तक पहुंचाई जाएं. शुरुआत में यह आइडिया काफी आकर्षक लगा, क्योंकि लोगों को जल्दी खाना चाहिए होता है, खासकर ऑफिस टाइम या शाम के नाश्ते के दौरान. लेकिन समय के साथ कंपनी को महसूस हुआ कि इस मॉडल से लगातार घाटा हो रहा है और इसे लंबे समय तक चलाना मुश्किल हो रहा है.

कंपनी ने ईमेल में क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एक इंटरनल ईमेल भेजकर यह जानकारी दी. ईमेल में साफ कहा गया कि कंपनी अब ऐसे प्लेटफॉर्म पर ध्यान देना चाहती है जो लंबे समय तक फायदा दे सकें और जिन्हें बड़े स्तर पर आसानी से बढ़ाया जा सके. Snacc के मामले में समस्या यह थी कि “यूनिट इकोनॉमिक्स” सही नहीं बैठ रही थी. आसान भाषा में समझें तो हर ऑर्डर पर होने वाली कमाई खर्च के मुकाबले कम पड़ रही थी. डिलीवरी जल्दी करने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ता था, लेकिन ग्राहकों से उतना पैसा नहीं मिल पा रहा था कि मुनाफा हो सके. इसलिए कंपनी ने सोचा कि बेहतर होगा कि अपनी ऊर्जा और पैसा दूसरे मजबूत प्रोजेक्ट्स पर लगाया जाए.

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बढ़ती प्रतियोगिता और बाजार का दबाव

जब Snacc लॉन्च हुआ था, उसी समय बाजार में दूसरी कंपनियां भी तेजी से 10-15 मिनट डिलीवरी मॉडल पर काम कर रही थीं. Zepto ने Zepto Cafe शुरू किया, जबकि Blinkit ने Bistro लॉन्च किया. इन सभी का फोकस था कि ग्राहक को बहुत जल्दी तैयार खाना या स्नैक्स मिले. लेकिन इस तरह की सर्विस चलाना आसान नहीं है. इसके लिए डार्क स्टोर्स, सीमित सामान (SKU), तेज डिलीवरी बॉय और मजबूत सप्लाई चेन की जरूरत होती है. अगर किसी एक जगह भी गड़बड़ी हो जाए तो पूरा सिस्टम प्रभावित हो जाता है.

मई 2025 में Zomato ने भी अपनी 15 मिनट वाली सर्विस “Quick” और होम-स्टाइल मील सर्विस “Everyday” बंद कर दी. वजह थी ग्राहकों की तरफ से उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स न मिलना. वहीं जुलाई 2025 में Zepto Cafe को भी सामान की सप्लाई और स्टाफ की कमी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसे अपना काम कम करना पड़ा. इससे साफ है कि यह पूरा सेगमेंट दबाव में है.

स्विगी की दूसरी सर्विस पर फोकस

हालांकि Snacc बंद हो गया है, लेकिन स्विगी की बाकी फूड डिलीवरी सेवाएं बढ़ रही हैं. कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स को लिखे पत्र में बताया कि उसकी “Bolt” और किफायती “99-स्टोर” सर्विस मिलकर अब कुल ऑर्डर वॉल्यूम का लगभग पांचवां हिस्सा बन चुकी हैं. यानी कंपनी अब उन मॉडलों पर ध्यान दे रही है जहां कम दाम में ज्यादा ऑर्डर मिल सकें और मुनाफा भी बेहतर हो.

आगे क्या?

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10 मिनट फूड डिलीवरी का आइडिया सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन असल में इसे चलाना काफी महंगा और जटिल है. तेजी से डिलीवरी करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ और टेक्नोलॉजी पर बहुत खर्च करना पड़ता है. अगर ऑर्डर लगातार और बड़े पैमाने पर न मिलें, तो घाटा होना तय है. इसलिए स्विगी ने फिलहाल इस प्रयोग को रोककर ज्यादा टिकाऊ और मुनाफेदार रास्ता चुनने का फैसला किया है.इससे यह साफ होता है कि सिर्फ तेज डिलीवरी ही सफलता की गारंटी नहीं होती, बल्कि मजबूत बिजनेस मॉडल और सही लागत प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है.

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