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UP में बदलेंगे शहरों के रास्ते, बाहर से निकलेगी रिंग रोड, अंदर मिलेगी जाम से मुक्ति, ट्रैफिक को लेकर CM योगी का मास्टरप्लान

UP: योगी सरकार की यह योजना भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है. बढ़ती आबादी, आवास की जरूरत और ट्रैफिक की समस्या को एक साथ हल करने की कोशिश की जा रही है.

Image Source: Social Media

CM Yogi: उत्तर प्रदेश सरकार शहरों में लगातार बढ़ रही आबादी और ट्रैफिक जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने तय किया है कि जरूरत के अनुसार शहरों में आउटर रिंग रोड बनाए जाएंगे. इन सड़कों को शहर के बाहर-बाहर से निकाला जाएगा ताकि बाहर से आने वाले वाहन शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्य तक पहुंच सकें. इससे शहरों के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी.

विजन डॉक्युमेंट 2047 और आवास की जरूरत


आवास विभाग ने विजन डॉक्युमेंट-2047 तैयार किया है, जिसमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है. इसके अनुसार शहरों की आबादी तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में हर साल लगभग 1700 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नई आवासीय योजनाएं लाने की जरूरत होगी. अभी शहरी इलाकों में लगभग 22 प्रतिशत आबादी रहती है, लेकिन अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इसलिए सरकार को समय रहते आवास और व्यवसायिक जरूरतों के लिए जमीन का इंतजाम यानी लैंड बैंक बनाना होगा.

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सड़कों और आउटर रिंग रोड की बढ़ती आवश्यकता


तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के साथ-साथ सड़कों की जरूरत भी बढ़ेगी. रोडमैप के अनुसार आने वाले समय में लगभग 10 हजार किलोमीटर तक नई सड़कों और आउटर रिंग रोड की आवश्यकता पड़ेगी. आउटर रिंग रोड का उद्देश्य यह है कि भारी वाहन, ट्रांजिट ट्रैफिक और लंबी दूरी के वाहन शहर के अंदर आए बिना ही आगे निकल जाएं. इससे शहरों के भीतर ट्रैफिक सुचारू रहेगा और प्रदूषण भी कम होगा.

प्रदेश के कई शहरों में चल रहा काम

प्रदेश के कई बड़े शहरों में आउटर या रिंग रोड का काम पहले से चल रहा है या पूरा हो चुका है.
लखनऊ में शहीद पथ बन चुका है और किसान पथ का निर्माण 104 किलोमीटर लंबाई में किया जा रहा है. कानपुर के लिए आउटर रिंग रोड का हिस्सा एनएच-230 के रूप में निर्माणाधीन है. गोरखपुर में भी रिंग रोड का काम तेजी से चल रहा है.इसके अलावा आगरा, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में भी रिंग रोड के कुछ हिस्से बन चुके हैं और बाकी पर काम जारी है.

आवासीय योजनाएं और जाम से मुक्ति


सरकार और विकास प्राधिकरण केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि नई आवासीय योजनाएं भी लाएंगे. इन योजनाओं के साथ-साथ आउटर रिंग रोड की व्यवस्था की जाएगी ताकि नए बसने वाले इलाकों को अच्छी कनेक्टिविटी मिल सके. आउटर रिंग रोड का नक्शा इस तरह बनाया जाएगा कि वह शहर के बाहर से घूमते हुए अधिकतर हिस्सों को आपस में जोड़ सके. इससे लोगों को आने-जाने में आसानी होगी, समय बचेगा और शहरों को जाम से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी.

योगी सरकार की यह योजना भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है. बढ़ती आबादी, आवास की जरूरत और ट्रैफिक की समस्या को एक साथ हल करने की कोशिश की जा रही है. आउटर रिंग रोड और नई आवासीय योजनाओं से शहरों का विकास संतुलित होगा और आम लोगों को बेहतर, आसान और जाम-मुक्त जीवन मिलेगा.

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