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दिल्ली में बिजली महंगी? सब्सिडी के बाद भी बढ़ेगा सरचार्ज, जानिए वजह

Electricity Bill: Appellate Tribunal for Electricity ( APTEL ) ने साफ कर दिया हैं कि दिल्ली को अब अपने पुराने बिजली बकाया चुकाने के लिए और समय नहीं मिलेगा. इससे पहले Delhi Electricity Regulatory Commission (DERC ) ने मोहलत मांगी थी ताकि जनता पर अचानक बोझ न पड़े , लेकिन ट्रिब्यूनल ने इसे खारिज कर दिया. अब इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता हैं.

दिल्ली में बिजली महंगी? सब्सिडी के बाद भी बढ़ेगा सरचार्ज, जानिए वजह
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Electricity Bill: दिल्ली में अब तक लोग सस्ती बिजली का फायदा उठाते रहे हैं , लेकिन अब इस राहत पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. मामला सिर्फ कीमतों का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में जमा हुए भारी बकाया का हैं. हाल ही में Appellate Tribunal for Electricity ( APTEL ) ने साफ कर दिया हैं कि दिल्ली को अब अपने पुराने बिजली बकाया चुकाने के लिए और समय नहीं मिलेगा. इससे पहले Delhi Electricity Regulatory Commission (DERC ) ने मोहलत मांगी थी ताकि जनता पर अचानक बोझ न पड़े , लेकिन ट्रिब्यूनल ने इसे खारिज कर दिया.  अब इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता हैं.  

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ा दबाव

इस पूरे मामले की जड़ Supreme Court of India के अगस्त 2025 के उस आदेश में है, जिसमें सभी राज्यों को अप्रैल 2026 तक अपना पुराना बकाया चुकाने के लिए कहा गया था. यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि बिजली सेक्टर में लंबे समय से अटकी देनदारियों को खत्म किया जा सके और सिस्टम को मजबूत बनाया जा सके. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो रेगुलेटरी संस्थाएं बिजली के रेट बढ़ाकर भी यह पैसा वसूल सकती हैं. यही बात अब दिल्ली के लोगों के लिए चिंता का कारण बन रही है.

कैसे बढ़ता गया बकाया?

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दिल्ली में सालों से बिजली को सस्ता रखने के लिए दरों को कम किया गया. इससे लोगों को तो राहत मिली, लेकिन दूसरी तरफ बिजली कंपनियों पर बकाया बढ़ता चला गया. धीरे-धीरे यह रकम इतनी बड़ी हो गई कि अब इसे चुकाना आसान नहीं रहा. खास बात यह है कि दिल्ली में बिजली कंपनियां प्राइवेट हैं, जैसे BSES Limited, इसलिए यहां सरकार सीधे सारा बोझ अपने ऊपर नहीं ले सकती, जैसा कुछ अन्य राज्यों में होता है.

अब सरकार के सामने तीन ही रास्ते

अब सवाल उठता है कि इस भारी रकम को चुकाया कैसे जाए? दिल्ली सरकार के पास फिलहाल तीन ही विकल्प बचे हैं. पहला, बिजली की दरें बढ़ा दी जाएं, जिससे आम लोगों का बिल बढ़ जाएगा. दूसरा, सरकार खुद ज्यादा सब्सिडी देकर इस बोझ को उठाए, जिससे सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ेगा. और तीसरा रास्ता है, इन दोनों का मिश्रण, यानी थोड़ा बोझ जनता पर और थोड़ा सरकार पर.

क्या बढ़ेंगे बिजली के बिल?

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अगर सरकार सब्सिडी नहीं बढ़ाती है, तो यह लगभग तय माना जा रहा है कि दिल्ली में बिजली के बिल बढ़ सकते हैं. इसका असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे कारोबार और फैक्ट्रियां भी इससे प्रभावित होंगी. ऐसे में लोगों के महीने का बजट बिगड़ सकता है.

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