योगी की पाती: 9 वर्षों में योगी राज में बना 'नए भारत का नया उत्तर प्रदेश', मुख्यमंत्री ने वंचितों, पिछड़ों एवं दलितों के सम्मान के प्रति जताई प्रतिबद्धता
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ में राज्य और लोगों के विकास, कल्याण, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने आगे कहा कि ‘नए भारत’ का ‘नया उत्तर प्रदेश’ नौ वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है.
Follow Us:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 9 वर्षों में प्रदेश की तस्वीर बिल्कुल बदलकर रख दी है. वह यूपी, जिसकी पहचान एक पिछड़े राज्य के रूप में थी; जहां सांप्रदायिक दंगे आम थे; गुंडाराज, कब्जामाफिया, माफियाराज, गैंगस्टर राज और आपराधिक घटनाएं सामान्य बात थीं; महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी; निवेश न के बराबर था; लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बद से बदतर थी; पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका था-उस राज्य को उसी प्रशासनिक मशीनरी के जरिए सीएम ने अपनी मेहनत, सक्रियता, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच से बदलकर रख दिया है.
आज उत्तर प्रदेश की गणना ‘उत्तम प्रदेश’ के रूप में हो रही है. प्रदेश में निवेश आ रहे हैं. पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है. यूपी इकोनॉमी, कृषि, खाद्यान्न, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस प्रोडक्शन आदि सेक्टर में अग्रणी राज्य बन गया है और इस सबका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है.
इसी संदर्भ में सीएम की प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ जारी हुई है. इसमें उन्होंने प्रदेश में बीते 9 वर्षों में किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया है और बताया है कि कैसे जन-सरोकारी योजनाओं तथा सरकार के विभिन्न मोर्चों पर किए गए कार्यों से ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है.
नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बना उत्तर प्रदेश: CM योगी
मुख्यमंत्री ने ‘योगी की पाती’ में प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए लिखा कि नए भारत का नया उत्तर प्रदेश नौ वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है. आप सभी को हृदय से शुभकामनाएं. सुशासन और समावेशी नीति के बल पर आज प्रदेश देश के शीर्ष-3 राज्यों में स्थान प्राप्त कर चुका है.
उन्होंने सरकार की समाज और राज्य के लोगों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य की आधारशिला युवा, महिलाएं और अन्नदाता हैं. वंचितों, पिछड़ों एवं दलितों के सम्मान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.
योगी सरकार की योजनाओं ने बदली यूपी की तस्वीर
सीएम ने आगे कहा कि युवाओं के लिए हम निरंतर कदम उठा रहे हैं. ‘वन डिविजनल हेडक्वार्टर-वन स्पोर्ट्स कॉलेज/एक्सीलेंस सेंटर’, ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना एवं एआई मिशन का प्रारंभ युवाओं को सशक्त कर रहा है. सीएम युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत ब्याज-मुक्त ऋण का लाभ स्व-रोजगार की असीम संभावनाएं सृजित कर रहा है.
'प्रदेश के विकास की बुनियाद नारी शक्ति'
महिलाओं को प्रदेश के विकास की बुनियाद करार देते हुए सीएम ने कहा कि महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजनाओं से माताएं और बहनें सशक्त हो रही हैं. जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास बेटियों को सुरक्षित वातावरण देगा.
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 23, 2026
'नए भारत' का 'नया उत्तर प्रदेश' नौ वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।
प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य की आधारशिला युवा, महिलाएं और अन्नदाता हैं। वंचितों, पिछड़ों एवं दलितों के सम्मान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047… pic.twitter.com/ltLBQsx48O
बच्चियों की शिक्षा को लेकर योगी सरकार प्रतिबद्ध
सीएम ने बच्चियों की शिक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा में पढ़ने वाली बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं. मैं स्वयं साक्षी रहा हूं. जब हमारी सरकार आई तो हमने स्पष्ट निर्देश दिया कि बेटियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर अनिवार्य रूप से मिलें. क्षेत्र, जाति, मजहब नहीं देखा, क्योंकि बेटियां पूरे समाज की हैं.
किसान कल्याण की दिशा में भी अद्भुत कार्य
वहीं किसानों के कल्याण को लेकर सीएम ने कहा कि जब अन्नदाता पसीना बहाते हैं, तो उन्हें उनके उत्पादों का अधिकतम मूल्य भी मिलना चाहिए. इसलिए उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. 2017 से पहले बिजली कटौती अत्यधिक थी, तो ट्यूबवेल कैसे चलते? हमने 16 लाख से अधिक किसानों को निःशुल्क बिजली दी. वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित महिला पेंशन के 1 करोड़ 6 लाख लाभार्थियों के लिए धनराशि बढ़ाई. भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी, सद्गुरु रविदास जी महाराज और महर्षि वाल्मीकि जी की प्रतिमाओं को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए ₹500 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं.
यह भी पढ़ें
सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ का संकल्प तभी सिद्ध होगा, जब प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा. समर्थ उत्तर प्रदेश के निर्माण की गौरवमयी यात्रा में आप सभी प्रदेशवासी सहभागी बनें, यही मेरी कामना है.
टिप्पणियाँ 0
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें