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योगी सरकार का मेगा प्लान, MSME, स्टार्टअप्स, शिल्पकारों और निर्यातकों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की सीधी पहल
योगी सरकार के औद्योगिक विजन के अनुरूप आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा.
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उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक मंच देने की तैयारी तेज हो गई है. निवेश से निर्यात तक प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को एक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा. ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न विभागों, विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई, ओडीओपी उद्यमियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है.
योगी सरकार के औद्योगिक विजन के अनुरूप आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा. आयोजन में निवेश प्रोत्साहन, आधारभूत ढांचे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेवा क्षेत्रों को अलग-अलग हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा. इससे निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों के बीच संवाद तथा कारोबारी साझेदारी के अवसर उपलब्ध होंगे.
निवेश प्रोत्साहन से औद्योगिक विस्तार तक, एक मंच पर आएंगे प्रमुख संस्थान
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चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है. हॉल 1 में इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्थान दिया गया है. हॉल 3 में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भागीदारी रहेगी.
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हॉल 4 में ‘यूपी एट अ ग्लांस’ के माध्यम से प्रदेश की समग्र औद्योगिक एवं विकास क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा. हॉल 5 में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी. हॉल 6 में सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग शामिल होंगे.
हॉल 7 में नोएडा विकास प्राधिकरण, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, आईटी एवं आईटीईएस तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है. हॉल 8 में श्रम विभाग, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा बैंकिंग एवं वित्त से जुड़े क्षेत्र प्रदर्शित होंगे. इन संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, मानव संसाधन और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी निवेशकों एवं उद्यमियों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा.
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ओडीओपी और एमएसएमई की ताकत से वैश्विक बाजार तक पहुंच
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ट्रेड शो में एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को विशेष स्थान दिया गया है. हॉल 9 में ओडीओपी के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि हॉल 10 में नए उद्यमियों एवं एमएसएमई को स्थान दिया गया है. हॉल 11 में पशुपालन, मत्स्य, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जीआई उत्पाद, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा आयुष से जुड़े क्षेत्र शामिल होंगे. हॉल 12 में कृषि विभाग, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, डेयरी विकास और चीनी उद्योग की भागीदारी प्रस्तावित है.
यह व्यवस्था प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. ओडीओपी एवं एमएसएमई उत्पादों की प्रदर्शनी से उद्यमियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, संभावित खरीदारों से संपर्क और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलेंगे.
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निर्यातकों, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा मंच
ट्रेड शो में निर्यात विस्तार से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है. हॉल 14, 15 और 16 में टाउन ऑफ एक्सीलेंस, निर्यातकों, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, वस्त्र एवं हथकरघा, खेल तथा मुख्यमंत्री युवा से जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी प्रस्तावित है. हॉल 17 में ओडीओपी ओपन स्पेस, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के हितधारक, क्रेडाई और परिवहन क्षेत्र को शामिल किया गया है. निर्यातकों एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने से जुड़े कारोबारी अवसरों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा. वहीं वस्त्र, हथकरघा, खेल, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य क्षेत्रों के उद्यमी अपने उत्पादों तथा कारोबारी क्षमताओं को संभावित खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे.
विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से दिखेगा क्षेत्रीय औद्योगिक सामर्थ्य
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ट्रेड शो के फोयर एरिया में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है. इनमें कानपुर विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आगरा विकास प्राधिकरण, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मेरठ विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण समेत अन्य प्राधिकरण शामिल हैं. विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जा सकेगा. इससे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कारोबारी संभावनाओं तथा विकास परियोजनाओं की जानकारी निवेशकों और उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
उद्योग जगत, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भेजे जा रहे आमंत्रण
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ट्रेड शो में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, उद्योग संगठनों, चैंबरों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया जा रहा है. सरकारी कार्यालयों एवं विभागों को पत्र तथा आमंत्रण कार्ड भेजे जा चुके हैं. उद्योग संगठनों एवं चैंबरों को डिजिटल माध्यम से आमंत्रण भेजे गए हैं तथा डाक से आमंत्रण की प्रक्रिया जारी है. संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी डिजिटल आमंत्रण भेजे जा चुके हैं. बी2बी एवं बी2सी खरीदार पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किया जा रहा है.