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भारतीय सेना की वर्दी क्यों जुटा रहा था अरबाज? आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बरेली से दबोचा गया

बरेली में आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर पुलिस और एसओजी ने छापेमारी कर सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म से मिलता-जुलता कपड़ा और संबंधित सामान बरामद किया. मामले में अरबाज नामक युवक गिरफ्तार हुआ है. पुलिस को आशंका है कि प्रतिबंधित पैटर्न वाला कपड़ा अवैध रूप से बेचने की तैयारी की जा रही थी.

मानुष पारीक, पुलिस अधीक्षक नगर, बरेली (Screengrab)
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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते एक अहम मामला सामने आया है. आर्मी इंटेलिजेंस से मिली सूचना के बाद कैंट थाना क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस और एसओजी की टीम ने सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म से मिलता-जुलता कपड़ा बड़ी मात्रा में बरामद किया है. इस मामले में अरबाज नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया है. इसके पास से बरामद सामग्री को लेकर अब कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो रहे हैं और जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं.

जानकारी के मुताबिक, आर्मी इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि नकटिया के मोहनपुर रोड स्थित एक दुकान में सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म में इस्तेमाल होने वाले पैटर्न का कपड़ा अवैध रूप से रखा गया है. साथ ही इस बात की भी आशंका जताई गई थी कि इस कपड़े को आगे बाजार में बेचने की तैयारी चल रही है. सूचना मिलते ही मिलिट्री इंटेलिजेंस, कैंट थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने तत्काल कार्रवाई की.

छापेमारी में मिला बड़ा वर्दी का भंडारण

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संयुक्त टीम जब मौके पर पहुंची तो जांच के दौरान बड़ी मात्रा में कपड़ा बरामद हुआ. अधिकारियों के अनुसार, कपड़े का पैटर्न सेना की वर्दी में इस्तेमाल होने वाले डिजाइन से काफी हद तक मेल खाता है. छापेमारी के दौरान सात बड़े बंडल मिले, जिनमें प्रत्येक में करीब 200 मीटर कपड़ा रखा हुआ था. इसके अलावा पांच अन्य बंडल भी बरामद किए गए, जिनमें लगभग 100-100 मीटर कपड़ा मौजूद था. दो प्लास्टिक बैग में करीब 150 मीटर अतिरिक्त कपड़ा भी मिला. इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने के बाद एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी.

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यूनिफॉर्म से जुड़ा अन्य सामान भी मिला

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कार्रवाई के दौरान केवल कपड़ा ही नहीं, बल्कि सेना की यूनिफॉर्म से संबंधित कई अन्य वस्तुएं भी बरामद की गईं. इनमें पी-कैप, कपड़े की टोपी, जूतों के फीते और काले रंग के वेलको शामिल हैं. इन वस्तुओं की मौजूदगी ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है.अधिकारियों का मानना है कि बरामद सामान के पीछे एक संगठित सप्लाई नेटवर्क भी हो सकता है. इसी कारण पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सामग्री की आपूर्ति कहां और किन लोगों तक की जानी थी.

आरोपी ने पूछताछ में क्या बताया?

पुलिस पूछताछ में आरोपी अरबाज ने बताया कि उसने यह कपड़ा राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित एक फैक्टरी से मंगवाया था. उसके अनुसार, कपड़े की खरीद पूरी हो चुकी थी और आगे इसकी बिक्री की तैयारी की जा रही थी.आरोपी ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2023 में सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म लागू होने के बाद इस तरह के कपड़े की मांग बढ़ गई है. उसका कहना था कि बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल जाती है.

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कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

एसपी सिटी के अनुसार, बरामद कपड़ा सेना की वर्दी में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित डिजाइन से मेल खाता है. इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.

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बहरहाल, बरेली में हुई यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है. अब जांच का केंद्र इस पूरे नेटवर्क का पता लगाना और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को सामने लाना है.

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