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उत्तराखंड: शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत की जांच करेगी CBCID, CM धामी ने दिए आदेश
उत्तराखंड में सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में गहन जांच की मांग की थी. वही मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपने के आदेश दे दिए हैं.
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उत्तराखंड में सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपने के आदेश दे दिए हैं. अब इस केस की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होगी.
शिक्षिका सृष्टि की हुई मौत की जांच करेगी सीबीसीआईडी
देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में गहन जांच की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल जरूरी है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. विधायक के पत्र के बाद सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए केस सीबीसीआईडी को ट्रांसफर कर दिया.
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जानकारी के अनुसार देहरादून सचिवालय में तैनात निजी सचिव सौरव खत्री की पत्नी और देवप्रयाग विधानसभा के ग्राम सिंगोली, विकासखंड कीर्तिनगर निवासी सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की 29 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. सृष्टि और सौरव की शादी महज आठ महीने पहले हुई थी. मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने पति सौरव खत्री, सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
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ससुराल पक्ष पर सृष्टि को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
आरोप है कि ससुराल पक्ष द्वारा सृष्टि को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और आत्महत्या के लिए उकसाया गया. परिजनों का कहना है कि ससुराल में उसे अक्सर नीचा दिखाया जाता था और मनहूस तक कहा जाता था.
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इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब सृष्टि का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में उसने अपनी मौत से पहले ससुरालियों पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है और वे पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.
सीबीसीआईडी साक्ष्यों के आधार पर करेगी निष्पक्ष जांच
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अब सीबीसीआईडी की टीम मामले के हर पहलू की जांच करेगी. जांच में दहेज की मांग, प्रताड़ना के सबूत, फोन कॉल रिकॉर्डिंग, गवाहों के बयान और मृतका के सुसाइड वीडियो के साथ-साथ अन्य दस्तावेजों को खंगाला जाएगा. वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. सीबीसीआईडी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी.