‘चड्ढा नहीं जो चड्डी बन जाऊं…’, सायोनी घोष को पत्रकारों ने घेरा, पूछ लिया पाला बदलने को लेकर सवाल, क्या मिला जवाब?
TMC की जादवपुर से सांसद सायोनी घोष पार्टी से बगावत के बीच दिल्ली पहुंचीं. यहां उन्हें पत्रकारों ने चड्ढा और चड्डी वाले बयान की याद दिलाई और पूछा कि अब क्या हो गया. इस पर सायोनी ने दिलचस्प जवाब दिया.
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ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन में बदलाव करते हुए अपने भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) बनाए रखा है. हालांकि, इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को डिप्टी जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया. इसी बीच जाधवपुर से टीएमसी की सांसद सायोनी घोष का एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
दरअरसल सायोनी को ममता बनर्जी की करीबी नेता और सांसद माना जाता था. उनकी चाल-ढाल, चप्पल और साड़ी, उनके बयान को देखें तो ऐसा लगता था कि वो खुद के ममता के पदचिन्हों पर चल रही हैं और भविष्य की नेता के तौर पर तैयार कर रही हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद जिस तरह उन्होंने पाला बदला है और बागी गुट में शामिल हो गई हैं, उस पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है.
ऐसा इसलिए भी क्योंकि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब आम आमदी पार्टी के 7 सांसद राघव चड्ढा के नेतृत्व में बागी हो जाते हैं तो यही सायोनी घोष ने कहा था कि:“सायोनी घोष हैं ना…वो चड्ढा नहीं हैं…इसलिए वो चड्ढा चड्ढी नहीं होगा कभी…”.
अब वही सायोनी घोष ने जब पाला बदल लिया तो पत्रकारों ने सायोनी घोष से उनके पाला बदलने को लेकर सवाल पूछा कि आप तो कहती थीं कि चड्ढा नहीं हूं चो चड्डी बन जाउं…अब क्या हो गया. वहीं एक पत्रकार ने पूछा कि आप तो हमेशा साथ रहने की बात करती थीं, अब क्या हो गया. उन्होंने इस दौरान कहा कि मैं आपको जवाब नहीं दूंगी…मैं जवाब सिर्फ अपने क्षेत्र की जनता को दूंगी. उन्होंने इस दौरान लगातार कहा कि आपको सब पता चल जाएगा.
"मैं अभी कुछ नहीं कहूंगी। मैं केवल तब बोलूंगी जब सही समय आएगा।"
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) June 14, 2026
TMC के भीतर जारी घमासान के बीच बागी सांसद सायनी घोष अचानक दिल्ली पहुंचीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया के सवालों से बचते हुए सायोनी घोष ने क्या कहा?#SaayoniGhosh #TMC #WestBengalPolitics #Delhi #BreakingNews… pic.twitter.com/Tn1nm9Rp5y
TMC संगठन में बड़ा फेरबदल
आपको बताएं कि ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब सायोनी घोष सहित कुल 19 TMC के बागी सांसदों की सूची स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी गई है. इतना ही नहीं बागी गुट को लीड कर रहीं बारासात सांसद काकोली घोष दास्तीदार ने दावा किया कि उनके पास 22 सांसदों का समर्थन है. दूसरी तरह राज्यसभा में TMC के 13 सांसदों में से 3 ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
आपको बता दें कि पार्टी पर अधिकार के दावे की आशंका के बीच ममता बनर्जी ने पार्टी के संगठन में फेरबदल किया है, नई नियुक्तियां की हैं.
इसी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल ईकाई का भी व्यापक पुनर्गठन किया गया है. लंबे समय से स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों से जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जता रहे वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है.
सायोनी घोष पर ममता बनर्जी का एक्शन!
लोकसभा सांसद सजदा अहमद, राज्यसभा सदस्य ममता बाला ठाकुर, विधायक नयन बंदोपाध्याय और वरिष्ठ नेता स्वैत खोंडकर को प्रदेश ईकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वहीं, बाबर अली, पुलक रॉय, असीमा पात्रा, अरूप बिस्वास और राजीव बनर्जी को प्रदेश महासचिव बनाया गया है. इनमें असीमा पात्रा वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस की विधायक भी हैं. राज्य समिति के कार्यकारी सदस्यों में ज्योतिप्रिय मल्लिक, डॉ. राणा चटर्जी, बिदेश बोस, त्रिणांकुर भट्टाचार्य, जया दत्ता, तपस चटर्जी, वसुंधरा गोस्वामी और गौतम देव को शामिल किया गया है.
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सके अलावा टीएमसी सांसद सयानी घोष को ऑल इंडिया तृणमूल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. उनकी जगह अर्नब बनर्जी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की अंदरूनी चुनौती को हल्के में लेने के मूड में नहीं है.
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छात्र संगठन की महासचिव प्रियंका अधिकारी होंगी, जबकि पूर्व मंत्री मलय घटक को पार्टी की ट्रेड यूनियन विंग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. किसान और कृषि मजदूर प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी बेचाराम मन्ना और पूर्णेंदु बोस को दी गई है. इसके अलावा चंद्रिमा भट्टाचार्य, कल्याण बनर्जी, मदन मित्रा और कुणाल घोष पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे.