×
जिस पर देशकरता है भरोसा

ITBP जवान की मां का हाथ काटने से जुड़ा मामला, CMO ने दिए फिर जांच के निर्देश, घेराव की बात से इंकार

मामले में CMO का कहना है कि पहली जांच रिपोर्ट सही है, जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई, उन पर फिर से जांच करेंगे. वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने कमिश्नरेट के घेराव की बात को निराधार बताया है.

Author
24 May 2026
( Updated: 24 May 2026
06:57 PM )
ITBP जवान की मां का हाथ काटने से जुड़ा मामला, CMO ने दिए फिर जांच के निर्देश, घेराव की बात से इंकार
Source- X/Kanpur Police
Advertisement

Kanpur News: कानपुर में शनिवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस में अर्धसैनिक बल आईटीबीपी के जवानों की हलचल के मामले को लेकर तस्वीर अब साफ हो गई है. दरअसल,  जवान अपने साथी विकास सिंह की मां के इलाज में कथित लापरवाही और अस्पताल पर कार्रवाई न होने से नाराज थे. 

इसी सिलसिले में कमांडेट गौरव प्रसाद पुलिस कमिश्नर के साथ बात करने आए थे. इस बातचीत में सीएमओ भी शामिल हुए. सीएमओ, पुलिस कमिश्नर और आईटीबीपी कानपुर कमांडेंट के बीच इस संबंध में लंबी बातचीत चली. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी से इस प्रकरण में दोबारा स्पष्ट रिपोर्ट मांगी गई है. 

‘कमिश्नरेट के घेराव की बात निराधार’

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) विपिन ताडा ने अर्धसैनिक बल के जवानों द्वारा कमिश्नरेट परिसर को घेरने की बात से इंकार किया है. उन्होंने बताया कि ITBP का जवान बात करने के लिए अपने कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आया था. उस दौरान उनके साथी बाहर खड़े थे. इस पर उनसे बात की गई तो उन्होंने जवानों को वापस भेज दिया.

Advertisement

विपिन टाडा ने यह भी बताया कि इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दोबारा स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच, तथ्यों के आधार पर होगी और अगर लापरवाही साबित हुई तो क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

बताया जा रहा है आईटीबीपी का जवान कुछ दिन पहले आवेदन लेकर आया था, जिसमें आरोप था कि अस्पताल ने लापरवाही पूर्वक इलाज करने के कारण उनकी मां का हाथ काटना पड़ा. मामला स्वास्थ्य विभाग का होने के कारण आवेदन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजा गया था. उनके अनुसार डॉक्टरों की कमेटी गठित कर सभी पहलू की जांच कराई गई थी, लेकिन जो रिपोर्ट आई, उस पर बात करने के लिए जवान अपने अधिकारियों को लेकर आया. उसने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई.

उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जवान बातचीत के बाद फिर से जांच के लिए राज़ी हुए हैं. जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

आईटीबीपी के कानपुर कमांडेंट गौरव प्रसाद ने बताया कि हमारे जवान की मां का हाथ काटे जाने की मेडिकल जांच रिपोर्ट पर बातचीत करने के लिए पुलिस कमिश्नर से अप्वाइंटमेंट लिया गया था. इसीलिए हमारे अधिकारी और जवान आए थे. मैं अंदर बैठा था, बाहर जवान खड़े थे. शायद इसे ग़लत रूप में ले लिया गया. घेराव की बात निराधार है. हमें पुलिस कमिश्नर की तरफ से पूरा सपोर्ट मिल रहा है.

CMO ने कहा- कुछ बिंदुओं पर होगी दोबारा जांच

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि हम लोगों ने आपस में बात की है. जो जांच रिपोर्ट दी गई है, वह सही है, लेकिन जिन बिंदुओं आज बात हुई है, उन पर फिर से जांच करेंगे। इसके बाद फाइनल जांच रिपोर्ट दी जाएगी. 

क्या है पूरा मामला? 

Advertisement

मूल रूप से फतेहपुर के अलीमऊ गांव के रहने वाले विकास सिंह आईटीबीपी में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं. मौजूदा समय में उनकी पोस्टिंग महाराजपुर आईटीबीपी कैंप में है. विकास के मुताबिक, उनकी मां निर्मला देवी (56) को सांस लेने में दिक्कत थी. उन्हें कब्ज और कमजोरी की भी शिकायत थी. सबसे पहले मां को आईटीबीपी अस्पताल महाराजपुर में दिखाया था. वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद ITBP के पैनल में शामिल अस्पताल यानी हायर सेंटर रेफर किया गया था. इसके बाद इलाज के लिए कानपुर के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया था. मां को वेंटीलेटर पर रखा गया था.

यह भी पढ़ें- ‘आर्थिक मजबूरी बच्चों को शिक्षा से दूर नहीं कर सकती’, CM योगी का बड़ा संदेश, AI आधारिक रोजगार पर दिया जोर

यह भी पढ़ें

विकास का आरोप है कि इलाज के दौरान मां को गलत इंजेक्शन लगा दिया गया. इसकी वजह से उनका हाथ काला पड़ गया और सूजन लगातार बढ़ती जा रही थी. मां की हालत जब बिगड़ने लगी तो उन्हें बिठूर रोड बैकुंठपुर स्थिति दूसरे निजी अस्पताल में एडमिट कराया, जहां उनका हाथ काटना पड़ा. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें