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संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं तो दूसरों का क्या करेंगे?

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने शिवपाल सिंह यादव को हटाकर अखिलेश यादव के लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि "यह आज के दिन में अहंकार है. ट्रस्ट का नाम ही 'न्यास' है और 'न्यास' का मतलब भरोसा या विश्वास होता है. अगर आपको अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं है, तो आप दूसरों के साथ क्या करेंगे?"

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16 Sep 2026
( Updated: 16 Sep 2026
01:34 PM )
संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं तो दूसरों का क्या करेंगे?
Image Credit: NMF Input
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उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और लोहिया ट्रस्ट को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोला है. अखिलेश को 'अहंकारी' बताते हुए संजय निषाद ने कहा कि राजनीति भी भरोसे का ही एक रूप है. आप अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं करते.

लोहिया ट्रस्ट को लेकर अखिलेश पर निशाना

शिवपाल सिंह यादव को हटाकर अखिलेश यादव के लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने पर संजय निषाद ने कहा, "यह आज के दिन में अहंकार है. ट्रस्ट का नाम ही 'न्यास' है और 'न्यास' का मतलब भरोसा या विश्वास होता है. अगर आपको अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं है, तो आप दूसरों के साथ क्या करेंगे?"

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उन्होंने कहा कि राजनीति भी भरोसे का ही एक रूप है. राजनीति में लोग किसी नेता, अपनी पार्टी, अपने चुनाव क्षेत्र और अपने सभी लोगों पर भरोसा करते हैं. इसलिए, अगर ऊपर के स्तर पर ही भरोसे की कमी हो, जब आप अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं करते, तो आप दूसरों के साथ क्या करेंगे?

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UCC के विरोध पर भी साधा निशाना

यूसीसी के विरोध पर संजय निषाद ने कहा, "उनके (अखिलेश यादव) पास जैसे सलाहकार हैं, उसी वजह से वे आज सत्ता से बाहर हैं. संविधान हमेशा सामाजिक न्याय की बात करता है. सामाजिक न्याय तभी मिलेगा जब समान नागरिक संहिता और समान अधिकार होंगे. अधिकार कानूनों, एक्ट और नोटिफिकेशन के जरिए दिए जाते हैं."

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उन्होंने सवाल किया कि क्या मुस्लिम महिलाएं मतदाता नहीं हैं? क्या वह इस देश की महिलाएं नहीं हैं? उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म की जगह नहीं है. धर्म जीने का आधार है, लेकिन समानता, सम्मान, सुरक्षा समृद्धि, स्वाभिलंबन पाने का अधिकार सबको है. जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए.

निषाद ने कहा कि यूसीसी उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू हुआ. वहां सब लोग खुश हैं. इसलिए हमें लगता है कि यह अन्य जगहों पर भी होना चाहिए. हम सभी को उसका स्वागत करना चाहिए. यूसीसी का विरोध करना गलत है.

14,429 प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट बनाने के फैसले का समर्थन

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उत्तर प्रदेश में 14,429 प्राइमरी स्कूलों को 'स्मार्ट' स्कूल बनाने के फैसले पर संजय निषाद ने कहा, "अंग्रेज स्मार्ट थे. उन्होंने अमीरों को स्मार्ट बनाया, लेकिन गरीब कैसे स्मार्ट बनेंगे? पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच थी कि समाज में सबसे निचले पायदान पर रहने वाले व्यक्ति को भी विकास का मौका मिलना चाहिए. इसलिए, गरीब परिवार में पैदा हुए बच्चे को भी स्मार्ट क्लासरूम में पढ़ना चाहिए, स्मार्ट बनना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए."

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