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महंगाई के बीच राहत! हरियाणा सरकार दे रही ₹27,000 का ब्याजमुक्त एडवांस

Haryana: सरकार ने फैसला लिया है कि स्थायी और अस्थायी दोनों तरह क कर्मचारियों को गेहूं खरीदने के लिए ₹27,000 तक का ब्याज मुख्त अग्रिम दिया जाएगा.यानी यह एक तरह की बिना ब्याज वाली मदद , जिसे बाद में धीरे -धीरे वापस करना होगा. यह सुविधा खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए है जो अपने या अपने परिवार के खाने के लिए गेहूं खरीदना चाहते है.

Image Source: Nayab Saini x Post
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Haryana: हरियाणा सरकार ने अपने क्लास IV कर्मचारियों के लिए एक ऐसी सुविधा शुरू की है , जो सीधे उनके रोजमर्रा के जीवन से जुडी जरूरत को ध्यान में रखती है.  वित्तीय वर्ष 2026 -27 के दौरान सरका ने फैसला लिया है कि स्थायी और अस्थायी दोनों तरह क कर्मचारियों को गेहूं खरीदने के लिए ₹27,000 तक का ब्याज मुख्त अग्रिम दिया जाएगा.यानी यह एक तरह की बिना ब्याज वाली मदद , जिसे बाद में धीरे -धीरे वापस करना होगा. यह सुविधा खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए है जो अपने या अपने परिवार के खाने के लिए गेहूं खरीदना चाहते है. आज के समय में जब घरेलू लगातार बढ़ रहे है , ऐसे में यह कदम कर्मचारियों के लिए थोड़ी राहत लेकर आता है.

आवेदन कैसे और कब करना है

अगर कोई कर्मचारी इस योजना का लाभ लेना चाहता है, तो उसे एक निर्धारित आवेदन पत्र भरना होगा. यह फॉर्म मुख्य सचिवालय की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 7 मई, 2026 रखी गई है. साथ ही, आवेदन जमा करने का समय भी तय किया गया है, हर दिन केवल शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे के बीच ही फॉर्म स्वीकार किए जाएंगे. यानी समय का खास ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि इसके बाद कोई आवेदन नहीं लिया जाएगा.

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पैसे कैसे लौटाने होंगे

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सरकार ने यह साफ कर दिया है कि यह पैसा एक तय समय के अंदर वापस करना होगा. पूरी राशि 31 मार्च, 2027 तक किस्तों में वसूल ली जाएगी.इसकी शुरुआत मई 2026 के वेतन से ही हो जाएगी, जो जून में मिलता है. एक और जरूरी बात, जिस कर्मचारी को यह अग्रिम मिलेगा, उसे एक महीने के अंदर एक प्रमाण पत्र देना होगा, जिसमें यह लिखा होगा कि पैसे का उपयोग सिर्फ गेहूं खरीदने के लिए ही किया गया है.

किन लोगों को मिलेगा और किन्हें नहीं

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इस योजना का लाभ हर कोई नहीं ले सकता. कुछ शर्तें रखी गई हैं ताकि सही लोगों तक ही यह मदद पहुंचे.
अस्थायी कर्मचारियों को यह पैसा तभी मिलेगा जब कोई स्थायी कर्मचारी उनकी गारंटी देगा.
अगर पति और पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं, तो दोनों में से सिर्फ एक ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है.
जो कर्मचारी फिलहाल प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं या वर्क-चार्ज, दैनिक मजदूरी, संविदा या आकस्मिक आधार पर काम कर रहे हैं, वे इस योजना के दायरे में नहीं आते.

अधिकारियों के लिए भी सख्त निर्देश

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सरकार ने इस योजना को लेकर अधिकारियों को भी साफ निर्देश दिए हैं. अगर कोई अधिकारी किसी ऐसे कर्मचारी को यह अग्रिम दे देता है जो इसके लिए पात्र नहीं है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, सभी विभागों को यह भी कहा गया है कि इस योजना से जुड़े खर्च का पूरा ब्यौरा 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को भेजना होगा.

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