Advertisement
जेवर एयरपोर्ट पर बढ़ी यात्रियों की संख्या, जुलाई में 33 हजार से अधिक लोगों ने किया सफर
जेवर एयरपोर्ट पर जून की तुलना में जुलाई में कुल यात्रियों की संख्या में 5,605 की वृद्धि हुई. विशेष रूप से ट्रांसफर यात्रियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली.
Advertisement
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. एयरपोर्ट के परिचालन से जुड़े ताजा ऑपरेशनल पैसेंजर काउंट (S26) के आंकड़े बताते हैं कि लोग अब यात्रा के लिए दिल्ली के बजाय जेवर एयरपोर्ट को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं. जून के मुकाबले जुलाई में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि एयरपोर्ट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.
जेवर एयरपोर्ट ने जुलाई में बनाया रिकॉर्ड
जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में एयरपोर्ट से कुल 27,841 यात्रियों ने सफर किया. इनमें 9,342 स्थानीय प्रस्थान (लोकल डिपार्चर), 8,757 स्थानीय आगमन (लोकल अराइवल), 2,398 ट्रांसफर यात्री (ट्रांसफर) तथा 7,344 ट्रांजिट यात्री (ट्रांजिट) शामिल रहे. वहीं जुलाई 2026 में यात्रियों की संख्या बढ़कर 33,446 तक पहुंच गई. जुलाई के आंकड़ों में 9,082 स्थानीय प्रस्थान, 9,332 स्थानीय आगमन, 9,334 ट्रांसफर यात्री तथा 5,698 ट्रांजिट यात्री दर्ज किए गए हैं. केवल एक महीने के भीतर कुल यात्रियों की संख्या में लगभग 5,600 से अधिक यात्रियों की बढ़ोतरी दर्ज होना एयरपोर्ट के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है.
Advertisement
अब तक कुल 61,287 यात्रियों ने जेवर एयरपोर्ट से की यात्रा
Advertisement
ऑपरेशनल रिपोर्ट के अनुसार जून और जुलाई को मिलाकर अब तक एयरपोर्ट से कुल 61,287 यात्रियों ने यात्रा की है. इनमें 18,424 स्थानीय प्रस्थान, 18,089 स्थानीय आगमन, 11,732 ट्रांसफर यात्री तथा 13,042 ट्रांजिट यात्री शामिल हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि एयरपोर्ट पर घरेलू और कनेक्टिंग यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर तथा आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए सुविधाजनक पहुंच इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. पहले जहां बड़ी संख्या में लोग उड़ान भरने के लिए दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रुख करते थे, वहीं अब जेवर एयरपोर्ट उनके लिए एक बेहतर और समय बचाने वाला विकल्प बनकर उभर रहा है.
Advertisement
यह भी पढ़ें
यदि आने वाले महीनों में भी यही रफ्तार बनी रहती है तो यात्रियों की संख्या में और अधिक वृद्धि देखने को मिल सकती है. बढ़ते आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि जेवर एयरपोर्ट धीरे-धीरे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है.