×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

महाराष्ट्र में श्रम कानूनों में होंगे बड़े बदलाव, सीएम फडणवीस बोले- श्रमिक कल्याण से नहीं होगा समझौता

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रम विवादों के बोझ से अधिक दबाव में न आएं. उन्होंने कहा कि इस पहलू की केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों के साथ भी जांच की जानी चाहिए और जमीनी स्थिति को समझने के बाद ही निर्णय लिया जाना चाहिए.

Author
14 Jul 2026
( Updated: 14 Jul 2026
12:58 PM )
महाराष्ट्र में श्रम कानूनों में होंगे बड़े बदलाव, सीएम फडणवीस बोले- श्रमिक कल्याण से नहीं होगा समझौता
Image Credit: IANS
Advertisement

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को श्रम विभाग को निर्देश दिया कि विभिन्न श्रम कानूनों में किए जा रहे संशोधनों को लागू करते समय व्यापक 'श्रमिक कल्याण' को प्राथमिकता दी जाए.

मुख्यमंत्री ने ये निर्देश अपने सरकारी आवास 'वर्षा' में आयोजित श्रम कानून सुधारों पर एक प्रस्तुति बैठक के दौरान दिए.

हर संशोधन की होगी विस्तृत समीक्षा

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार के श्रम कानूनों के अनुरूप राज्य के नियमों में बदलाव करते समय महाराष्ट्र के विशेष हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी संशोधन किए जाने चाहिए.

Advertisement

बैठक में श्रम मंत्री आकाश फुंडकर मौजूद थे, जबकि श्रम राज्य मंत्री आशीष जायसवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.

फडणवीस ने अधिकारियों को प्रस्तावित संशोधनों के हर पहलू की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने श्रम अदालतों से मामलों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास भेजे जाने के बदलाव पर भी चर्चा की.

उन्होंने अधिकारियों से सीजेएम के पास लंबित श्रम मामलों की जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर पेश करने को कहा.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रम विवादों के बोझ से अधिक दबाव में न आएं. उन्होंने कहा कि इस पहलू की केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों के साथ भी जांच की जानी चाहिए और जमीनी स्थिति को समझने के बाद ही निर्णय लिया जाना चाहिए.

माथाडी और निर्माण श्रमिकों की दोहरी सदस्यता खत्म करने पर जोर

विशेष मुद्दों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र माथाडी, हमाल और अन्य मैनुअल वर्कर्स एक्ट में सुधार करते समय निर्माण श्रमिकों के लिए दोहरी सदस्यता की समस्या को खत्म करने के कदम उठाए जाने चाहिए.

उन्होंने कहा कि श्रमिकों का पंजीकरण या तो निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत होना चाहिए या माथाडी बोर्ड के तहत, लेकिन दोनों जगह नहीं.

Advertisement

असंगठित क्षेत्र और घरेलू कामगारों के लिए बनेंगी नई योजनाएं

इसके अलावा, केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों के अनुरूप मुख्यमंत्री ने विभाग को असंगठित क्षेत्र के हर वर्ग के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए. इसमें घरेलू कामगारों को भी शामिल करने को कहा गया है.

श्रम कानूनों में प्रस्तावित संशोधनों का अंतिम मसौदा राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा.

कैबिनेट के सामने रखा जाएगा अंतिम मसौदा

Advertisement

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जिन प्रमुख कानूनों में सुधार की समीक्षा की जा रही है, उनमें महाराष्ट्र माथाडी, हमाल और अन्य मैनुअल वर्कर्स (रोजगार और कल्याण विनियमन) अधिनियम, 1969 और महाराष्ट्र निजी सुरक्षा गार्ड (रोजगार और कल्याण विनियमन) अधिनियम, 1981 शामिल हैं.

यह भी पढ़ें

इन राज्य कानूनों में भारतीय न्याय संहिता और केंद्र सरकार के चार नए श्रम संहिताओं के अनुरूप बदलाव किए जा रहे हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें