पन्नू की साजिश नाकाम- पंजाब में DC दफ्तर पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, मिली 5 साल की सजा
एनआईए (NIA) कोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पर खालिस्तानी झंडा फहराने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
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पंजाब के एसएएस (SAS) नगर (मोहाली) में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने 2020 के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है और उन्हें जेल की सजा सुनाई है. साथ ही, दोनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है.
मोगा में सरकारी इमारत पर खालिस्तानी झंडा फहराया गया
यह मामला पंजाब के मोगा में एक सरकारी इमारत पर खालिस्तानी झंडा फहराने से जुड़ा है, जिसे 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) के जनरल काउंसल और घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के उकसावे पर अंजाम दिया गया था.
दो दोषियों को 5 साल की जेल
आरोपियों की पहचान मोगा के रहने वाले इंदरजीत सिंह और जसपाल सिंह के तौर पर हुई है. उन्हें आईपीसी, यूए(पी) एक्ट और 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' की अलग-अलग धाराओं के तहत 5 साल और छह महीने की जेल की सजा के साथ ही उन पर 16,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
पन्नू समेत 6 के खिलाफ NIA की चार्जशीट
एनआईए ने इससे पहले इन दोनों के साथ-साथ दो अन्य गिरफ्तार आरोपियों और अमेरिका में रह रहे दो फरार आरोपियों गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके साथी राणा सिंह उर्फ हरप्रीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. मोहाली की विशेष अदालत ने 2021 में इस मामले में पन्नू और हरप्रीत (जो SFJ का सदस्य है) को 'घोषित अपराधी' करार दिया था.
इनाम के लालच में सरकारी इमारत पर चढ़े
पन्नू के उकसावे पर और एसएफजे (गैरकानूनी संगठन) से नकद इनाम के बदले इंदरजीत और जसपाल ने 14 अगस्त 2020 को मोगा में डिप्टी कमिश्नर के दफ़्तर पर खालिस्तानी झंडा फहराया था. यह घटना स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले हुई थी. दोनों आरोपी डीसी दफ्तर के प्रशासनिक परिसर में घुसे और इमारत की छत पर चले गए, जहां उन्होंने एक लोहे के खंभे पर केसरिया/पीले रंग का झंडा फहराया, जिस पर 'खालिस्तान' शब्द छपा हुआ था. उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की रस्सी काटकर उसका अपमान भी किया, जिससे तिरंगा जमीन पर गिर गया. इसके बाद उन्होंने रस्सी पकड़कर तिरंगे को जमीन पर घसीटा.
पन्नू ने झंडा फहराने पर इनाम की घोषणा की थी
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इस मामले की जांच के दौरान पता चला कि हरप्रीत ने इन हरकतों को अंजाम देने के लिए इंदरजीत और जसपाल को पैसे दिए थे. पन्नू ने इससे पहले, 10 और 11 अगस्त 2020 के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने पंजाब और हरियाणा के निवासियों से खालिस्तानी झंडे फहराने की अपील की थी. उसने तो यहां तक घोषणा की थी कि जो भी भारतीय युवा दिल्ली के लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराएगा, उसे 125,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा और किसी भी सरकारी दफ्तर पर ऐसा झंडा फहराने के लिए 2,500 अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा.
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