‘नारी के हक में दीवार बन रहा विपक्ष...', महिला आरक्षण बिल पर CM योगी ने विपक्ष को सुनाई खरी-खरी
लखनऊ में सीएम योगी ने महिला आरक्षण मुद्दे पर विपक्ष को घेरा और कहा कि पीएम मोदी के सुधारात्मक कदमों का विरोध करने वाले दल समाज को बांटने की राजनीति करते हैं.
Follow Us:
देश की संसद में महिला आरक्षण बिल पास ना होने के बाद सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसका ठीकरा पूरी तरह से विपक्षी दलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा.
सीएम योगी ने कहा कि जब पीएम मोदी ने वर्ष 2014 में देश की सत्ता अपने हाथों में ली थी, तब उन्होंने एक बात स्पष्ट की थी. उन्होंने कहा था कि देश में चार ही जातियां हैं: नारी, गरीब, युवा और किसान. उन्होंने कहा कि भारत को कमजोर करने की नीयत से जातिवाद के नाम पर खुद के परिवार का भरण-पोषण करके उन्होंने देश को लूटा है. उनके लिए यह (नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक) चुनौती थी.
प्रोग्रेसिव कदमों का विरोध करने का आरोप
सीएम योगी ने पीएम मोदी के नेतृत्व में कोई भी प्रोग्रेसिव कदम उठाया है, कांग्रेस और उसके जितने भी पार्टनर हैं, हमेशा विरोध करते रहे. उन्होंने कहा कि आधी आबादी के मन में विपक्ष के इस नारी विरोधी आचरण के बारे में भारी आक्रोश है. वह आक्रोश समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और उन दलों का है जो इस पाप में भागीदार थे, उनके प्रति महिला का आक्रोश देखने को मिल रहा है.
ट्रिपल तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून का भी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, DMK और इंडी गठबंधन के जितने भी अन्य सहयोगी हैं, इन सबने विरोध किया था,
यह इनके दोहरे आचरण को प्रदर्शित करता है... pic.twitter.com/4HPRAQRKoz— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 19, 2026
संशोधन विधेयक और 2029 में लागू करने की बात
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की ओर से समाज और देश के हित में जो कदम उठाए गए हैं, उनके सामने कैसे बैरियर के रूप में और उन कदमों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए इंडी गठबंधन किस हद तक जाकर षड्यंत्र करता है. सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था, लेकिन जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाए 2029 में लागू हो, उनकी मांग के अनुसार पीएम मोदी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के बाद केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में आवश्यक संशोधन लेकर आई.
आरक्षण में किसी का हक नहीं छीना जाएगा
सीएम योगी ने कहा कि कुछ राज्यों ने इसके बारे में मांग उठाई थी कि ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए. पीएम मोदी ने 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करते वक्त तय किया था कि किसी का हक नहीं छीना जाएगा. 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए अतिरिक्त सीट लोकसभा और विधानसभा में बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे किसी का हक कम नहीं होता, केवल एक ही इच्छा थी कि सदन मिल कर भारत की नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ संशोधन विधेयक पारित कर 2029 में उनका अधिकार दे दें.
विपक्ष के आचरण पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि सदन में विपक्ष की ओर के किस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां और आचरण किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है. सर्वसम्मति से पास होता तो पूरे सदन को इसके श्रेय मिलता. नारी को उसका हक मिलता. सीएम ने कहा कि सपा ने मुद्दा छेड़ा कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है? ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल इनका आचरण देखने को मिला.
संविधान और आरक्षण पर ऐतिहासिक संदर्भ
सीएम ने कहा कि जब भारत के संविधान का निर्माण हो रहा था तो उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी. सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था. बाबासाहेब ने इसको लेकर बहुत तीखी टिप्पणी लिखी थी कि एक बार विभाजन हो गया है, भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता. सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका विरोध किया था. सभी सदस्यों ने इसका विरोध किया था. आज जब वे मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, तब वे कहां थे? शाह बानों प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को अधिकार से वंचित करने का प्रयास किया.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला और महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा. अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर सियासी माहौल किस दिशा में आगे बढ़ता है.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें