Advertisement
कर्ज नहीं, पारिवारिक कलह की बात आई सामने... महोबा किसान आत्महत्या मामले में प्रशासनिक जांच से हुआ बड़ा खुलासा
महोबा में किसान हरगोविंद की आत्महत्या मामले में प्रशासनिक जांच में कर्ज या फसल नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. एसडीएम की रिपोर्ट में जमीन बेचने के बाद पारिवारिक कलह की बात सामने आई है. मृतक के पास 0.423 हेक्टेयर भूमि थी.
Advertisement
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में खेत में किसान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में नया तथ्य सामने आया है. घटना के बाद परिजनों की ओर से फसल नुकसान, साहूकारों के कर्ज और कथित उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की बात कही गई थी. इसके बाद सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर भी किसान द्वारा कर्ज के चलते आत्महत्या किए जाने की खबर प्रसारित हुई थी. हालांकि, प्रशासन की शुरुआती जांच में कर्ज या फसल क्षति को आत्महत्या की वजह बताए जाने की पुष्टि नहीं हुई है.
मीडिया में प्रसारित खबर का प्रशासन ने लिया संज्ञान
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), महोबा ने बताया कि तहसील चरखारी के खरेला कस्बा निवासी करीब 52 वर्षीय हरगोविंद पुत्र बिंदा की आत्महत्या के संबंध में मीडिया में प्रसारित खबरों का संज्ञान लिया गया. मामले की जांच उप जिलाधिकारी चरखारी से कराई गई. एसडीएम की जांच रिपोर्ट के अनुसार, हरगोविंद ने पूर्व में अपनी जमीन बेच दी थी. इसके बाद परिवार में आए दिन कलह और विवाद होने की बात सामने आई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक के पास वर्तमान में केवल 0.423 हेक्टेयर भूमि थी.
Advertisement
Advertisement
खतौनी में दर्ज नहीं मिला कोई कर्ज
प्रशासन के अनुसार, मृतक की खतौनी में किसी तरह का कर्ज दर्ज नहीं है. हालांकि, कुछ ग्रामवासियों ने अपने बयान में कर्ज होने की बात कही, लेकिन यह कर्ज किस व्यक्ति या साहूकार से लिया गया था, इसकी जानकारी ग्रामवासियों या मृतक के परिजनों की ओर से नहीं दी गई. जांच में फिलहाल फसल क्षति के कारण आत्महत्या किए जाने का तथ्य भी सामने नहीं आया है. मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बालिग बच्चे हैं. प्रशासन की ओर से मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है.
Advertisement
यह भी पढ़े: मां तरकुलहा देवी धाम के प्राचीन पोखरे के कायाकल्प की जगी उम्मीद, CM योगी ने दो युवाओं से की मुलाकात
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासनिक जांच में आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कलह की बात सामने आई है, जबकि कर्ज और फसल नुकसान को कारण बताए जाने की पुष्टि नहीं हुई है.