‘पुराना वीडियो शेयर कर फैलाया भ्रम’, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर पर FIR दर्ज
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर पर FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि इन्होंने पुराने वीडियो को तिरंगा विवाद से जोड़कर भ्रम फैलाया था.
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और लोकगायिका और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. छत्तीसगढ़ BJP के प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक की शिकायत पर दोनों पर ये कार्रवाई हुई है.
BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाए कि सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर ने BJP के ट्रेनिंग प्रोग्राम की तस्वीरें और वीडियो फैलाए . उन्हें गलत तरीके से स्वतंत्रता दिवस समारोह का फुटेज बताया. दोनों के खिलाफ FIR 17 अगस्त की शाम को दर्ज की गई थी.
BJP ने क्या आरोप लगाए?
न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए शिकायतकर्ता उज्ज्वल दीपक ने दावा किया, ‘कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रेसिडेंट और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने नेहा सिंह राठौर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स के साथ मिलकर 15 अगस्त को गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की.
उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2026 का एक वीडियो शेयर किया जिसमें पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लहराते हुए दिख रहे थे. पोस्ट को इस तरह पेश किया गया जैसे यह वीडियो 15 अगस्त को रिकॉर्ड किया गया हो.
छत्तीसगढ़ पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, श्रीनेत और राठौर ने धमतरी जिले के कुरुद में 22 मार्च 2026 को आयोजित 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान' का वीडियो शेयर किया था.
कांग्रेस ने पोस्ट में क्या दावा किया?
पोस्ट में दावा किया गया कि ये विज़ुअल्स 15 अगस्त 2026 के हैं और कहा गया कि BJP प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय ध्वज की जगह पार्टी का झंडा फहराया था.
स्वतंत्रता दिवस पर इस पुराने वीडियो को फैलाया गया, शिकायतकर्ता का दावा है कि इससे जनता में भ्रम, राजनीतिक तनाव और अशांति फैल सकती है. यह विवाद पूर्व मंत्री और कुरुद से BJP विधायक अजय चंद्राकर के एक वीडियो को लेकर है, जो 15 अगस्त को वायरल हुआ था.
इस क्लिप में चंद्राकर BJP का झंडा फहराते हुए दिख रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे इस दावे के साथ शेयर किया कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह पार्टी का झंडा फहराया था, जिससे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगा.
इन धाराओं में केस दर्ज
बाद की जांच से पता चला कि फुटेज 15 अगस्त का नहीं, बल्कि भाजपा के पहले के प्रशिक्षण कार्यक्रम का था. शिकायत में कहा गया है कि कांग्रेस से जुड़े हैंडल्स ने पुराने वीडियो को ठीक स्वतंत्रता दिवस पर वायरल किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने BNS की धारा 336 (4), 353 (2) और 196 के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की जांच कर रहे हैं.
वायरल कंटेंट हटाने की मांग
BJP ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए गुमराह करने वाले कंटेंट को तुरंत हटाने और इसमें शामिल अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अधिकारियों ने कहा कि शिकायत में ऐसी सामग्री के प्रसार पर आपत्ति जताई गई है जिससे सामाजिक स्तर पर भ्रम और विवाद पैदा हो सकता है.
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With IANS Input