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यमुना में मनोज तिवारी ने लगाई डुबकी, अब केजरीवाल को BJP की खुली चुनौती, पूछा- कब आ रहे हो?

छठ से पहले यमुना की सफाई पर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने यमुना में डुबकी लगाकर सफाई का दावा किया और अरविंद केजरीवाल को भी चुनौती दी. वहीं, AAP ने यमुना के प्रदूषित होने का आरोप लगाते हुए बीजेपी के दावों पर सवाल उठाए हैं.

यमुना में मनोज तिवारी ने लगाई डुबकी, अब केजरीवाल को BJP की खुली चुनौती, पूछा- कब आ रहे हो?
Image Source: NMF INPUT
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छठ महापर्व से पहले राजधानी दिल्ली में यमुना नदी एक बार फिर सियासत के केंद्र में आ गई है. नदी की सफाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. इस बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने सोनिया विहार में यमुना नदी में डुबकी लगाकर सफाई का जायजा लिया. बीजेपी ने इसे यमुना की स्वच्छता का 'रियलिटी टेस्ट' बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी नदी में डुबकी लगाने की चुनौती दे दी है.

मनोज तिवारी ने यमुना में लगाई डुबकी

गुरुवार को मनोज तिवारी ने पहले नाव से सोनिया विहार में यमुना का निरीक्षण किया. इसके बाद वह नदी में उतरे और काफी देर तक स्नान करते तथा तैरते नजर आए. बीजेपी ने इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. पार्टी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'Live Reality Test - 27 सालों में कांग्रेस और आप जो नहीं कर पाई वहीं मात्र दो साल के अंदर आधा से ज्यादा दिल्ली में यमुना जी को दिल्ली की भाजपा सरकार ने साफ कर दिया, और जो बचा है वो भी जल्दी ही साफ़ हो जाएगा! बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने तो डुबकी लगाकर 30 KM तक दिल्ली की साफ़ यमुना लाइव दिखा दिया, केजरीवाल जी आप कब आ रहे हो डुबकी लगाने?'

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अरविंद केजरीवाल को बीजेपी ने क्यों दिया चैलेंज?

मनोज तिवारी की डुबकी के बाद दिल्ली बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया. पार्टी ने एक्स पर सवाल किया कि केजरीवाल यमुना में डुबकी लगाने कब आ रहे हैं. बीजेपी का यह तंज विधानसभा चुनाव से पहले किए गए केजरीवाल के उस वादे से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने यमुना की सफाई के बाद नदी में डुबकी लगाने की बात कही थी. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में यमुना के करीब 30 किलोमीटर हिस्से को स्वच्छ किया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे छठ महापर्व यमुना के किनारे मनाएं. उनके मुताबिक, छठ पर्व की मूल भावना में जल संरक्षण और स्वच्छता का विशेष महत्व है.

AAP का पलटवार, सफाई पर उठाए सवाल

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यमुना की सफाई को लेकर आम आदमी पार्टी का रुख बीजेपी से अलग है. AAP का आरोप है कि नदी में प्रदूषण अब भी मौजूद है और झाग खत्म करने के लिए रसायनों का छिड़काव किया जा रहा है. ऐसे में नदी को पूरी तरह साफ बताने के दावे पर सवाल उठते हैं. यमुना में प्रदूषण दिल्ली की पुरानी समस्या है. सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और नालों से आने वाला गंदा पानी नदी की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं. इसलिए सफाई के दावों की पुष्टि के लिए पानी की जांच और प्रदूषण के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं.

वीरेंद्र सचदेवा भी लगा चुके हैं यमुना में डुबकी

यमुना को लेकर राजनीतिक प्रदर्शन पहले भी हो चुके हैं. अक्टूबर 2024 में तत्कालीन दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आईटीओ घाट पर नदी में डुबकी लगाई थी. उन्होंने तत्कालीन AAP सरकार पर यमुना की गंदगी और सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. बाद में उन्होंने त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत की और अस्पताल में भर्ती हुए थे.

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बताते चलें कि छठ महापर्व के दौरान यमुना के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में नदी की स्वच्छता केवल राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और धार्मिक आस्था से भी जुड़ा विषय है. अब सवाल यह है कि दिल्ली में यमुना की सफाई के दावों को कितना समर्थन वैज्ञानिक जांच और वास्तविक सुधार से मिलता है. आखिरकार, नदी को स्वच्छ बनाना किसी एक पार्टी की सियासत नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों की जरूरत है.

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