योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, यूपी में 2,606 करोड़ के निवेश को मिली हरी झंडी
सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये के निवेश से वैल्यू एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पादों का विनिर्माण किया जाएगा. वर्ष 1942 में स्थापित सुप्रीम इंडस्ट्रीज भारत के प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग समूहों में शामिल है.
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कैबिनेट ने तीन प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.
तीन जिलों में स्थापित होंगी औद्योगिक परियोजनाएं
कैबिनेट की मंजूरी पाने वाली परियोजनाओं में मेसर्स एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड की बिजनौर में, मेसर्स कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की उन्नाव में और मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की कानपुर देहात में परियोजना शामिल है. इन परियोजनाओं में एफडीआई/ एफसीआई तथा अन्य पात्र श्रेणियों के अंतर्गत नीति आधारित प्रोत्साहन के रूप में लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा.
उन्नाव में 1,573 करोड़ रुपये का निवेश
कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उन्नाव में एल्युमिनियम बेवरेज कैन के विनिर्माण की इकाई स्थापित की जाएगी. परियोजना के लिए 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. यह इकाई यूपीडा के आईएमएलसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित की जाएगी. परियोजना की अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी.
बिजनौर में बनेगी फ्रेंच फ्राइज की बड़ी यूनिट
एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड अपनी मौजूदा आलू फ्लेक्स उत्पादन गतिविधियों का विस्तार करते हुए फ्रेंच फ्राइज के उत्पादन में प्रवेश करेगी. कंपनी की वर्तमान उत्पादन क्षमता लगभग 7,332 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जबकि प्रस्तावित फ्रेंच फ्राइज इकाई की अधिकतम स्थापित क्षमता 75,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी. इस परियोजना में 794.27 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है.
कानपुर देहात में सुप्रीम इंडस्ट्रीज का निवेश
सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये के निवेश से वैल्यू एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पादों का विनिर्माण किया जाएगा. वर्ष 1942 में स्थापित सुप्रीम इंडस्ट्रीज भारत के प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग समूहों में शामिल है. कंपनी देशभर में आधुनिक तकनीक और उन्नत विनिर्माण सुविधाओं से युक्त 28 संयंत्र संचालित करती है.
औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
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तीनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश में विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है. बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में एफडीआई, विनिर्माण और वैल्यू एडेड इंडस्ट्री को बढ़ावा देने तथा प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.