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महाराष्ट्र: नकली तलवार लहराई, विवादित गाने पर छात्रों का डांस, बवाल मचा तो प्रिंसिपल समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज
नेताओं का आरोप है कि बच्चे एक विवादित गाने पर डांस कर रहे थे. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि इस कार्यक्रम में 'सर तन से जुदा' वाला नारा भी सुनाई दिया.
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महाराष्ट्र के जालना जिले में एक स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. इस वीडियो में स्कूल के छात्र हाथों में नकली तलवारें लेकर एक विवादित गाने पर परफोर्मेंस देते नजर आ रहे हैं.
वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं. यह घटना जालना के परतूर स्थित किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल में हुई, जिससे परफॉर्मेंस के तरीके और उसमें इस्तेमाल की गई चीजों को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई. विरोध तब शुरू हुआ जब स्कूल के सालाना समारोह के वीडियो क्लिप ऑनलाइन फैल गए.
स्थानीय नेताओं ने की शिकायत
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थानीय नेताओं के एक समूह ने स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल के कुछ छात्रों ने हाथों में नकली तलवारें लेकर और काले कपड़े पहनकर डांस किया.
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नेताओं का आरोप है कि बच्चे एक विवादित गाने पर डांस कर रहे थे. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि इस कार्यक्रम में 'सर तन से जुदा' वाला नारा भी सुनाई दिया. जबकि अन्य रिपोर्टों में इसे एक पाकिस्तानी गाना बताया गया है. इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि डांस के दौरान मंच पर कुछ विवादित हस्तियों की तस्वीरें या दृश्य दिखाए गए. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई. इसके बाद स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी. लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे माहौल में इस तरह की परफोर्मेंस सही नहीं थी.
पुलिस ने लिया एक्शन
वीडियो वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद पार्टूर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल (जिनकी पहचान वज़ियुद्दीन सिद्दीकी के तौर पर हुई है), स्कूल के प्रेसिडेंट, एक टीचर और इवेंट के एंकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
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पुलिस ने इस मामले में देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को प्रभावित करने, विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाली भ्रामक जानकारी फैलाने से जुड़ी धाराएं लगाई हैं.
वीडियो की सच्चाई की जांच करने, यह पता लगाने की इस प्रस्तुति को मंजूरी कैसे मिली और क्या किसी कानून का उल्लंघन हुआ है, इसके लिए पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी से जांच कराई जा रही है. हालांकि स्कूल प्रशासन ने इन आरोपों का पुरजोर खंडन करते हुए कहा है कि ऑनलाइन परफॉर्मेंस के संदर्भ को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया गया है और उसमें हेर-फेर की गई है.
स्कूल ने सफाई में क्या कहा?
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स्कूल के प्रिंसिपल सिद्दीकी ने साफ किया, ‘प्रोग्राम के दौरान जो म्यूजिक इस्तेमाल किया गया था, वह मशहूर तुर्की ऐतिहासिक टीवी सीरियल 'एर्तुगरुल गाजी' का था, न कि कोई पाकिस्तानी गाना. परफॉर्मेंस के दौरान दिखाई गई तस्वीर उसी सीरियल के एक एक्टर की थी. कुछ लोगों ने विज़ुअल्स के साथ छेड़छाड़ की है और सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली बातें फैलाई हैं.’
स्कूल प्रशासन का कहना है कि यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक नाटक पर आधारित प्रस्तुति थी. इसमें इस्तेमाल की गई तलवारें नकली थीं और कार्यक्रम का उद्देश्य किसी तरह का सांप्रदायिक तनाव फैलाना या चरमपंथ को बढ़ावा देना नहीं था. महाराष्ट्र में इस घटना ने तेजीसे राजनीतिक मोड़ ले लिया है. BJP के विधायक और पूर्व मंत्री बबनराव लोनिकर और वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने उस इलाके का दौरा किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
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सोमैया ने आरोप लगाया कि स्कूल के पास राज्य के शिक्षा विभाग से वैध मान्यता नहीं है. उन्होंने स्कूल परिसर को सील करने और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. अधिकारियों ने कहा है कि आगे के प्रशासनिक और कानूनी कदम पूरी तरह से पुलिस की चल रही जांच के अंतिम नतीजों पर निर्भर करेंगे.
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With IANS Input