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कोटा में मठ के अंदर महंत देवानंद महाराज की हत्या, इलाके में फैली सनसनी
मठ के अंदर महंत की हत्या से स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया है. प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर मामला अनसुलझा रहा तो वे आंदोलन करेंगे.
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राजस्थान के कोटा जिले में शुक्रवार देर रात अज्ञात हमलावरों द्वारा एक प्रतिष्ठित मठ के प्रमुख महंत देवानंद महाराज की बेरहमी से हत्या कर दी गई. यह हत्या बोरखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के चंद्रसाल गांव में हुई. हत्या से इलाके में दहशत फैल गई.
महाराज की मठ के अंदर चाकू मारकर हत्या
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, महंत मठ के भीतर अपने कमरे में विश्राम कर रहे थे, तभी हमलावर परिसर में घुस आए और धारदार हथियारों से उन पर बार-बार वार किए. मदद की गुहार सुनकर सेवक और आसपास के निवासी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए.
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पुलिस को संदेह है कि हमलावरों ने अपराध करने से पहले एक आरोपी ने महंत को उनके कमरे में बंद कर दिया था. जब सेवक और ग्रामीण कमरे में पहुंचे, तो उन्होंने देवानंद महाराज को खून से लथपथ पाया.
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हत्या के पीछे का कारण पता करने में लगी पुलिस
महाराज को तुरंत कोटा के महाराव भीम सिंह (एमबीएस) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अत्यधिक रक्तस्राव और कई घावों के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया. शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है. पुलिस अभी तक हत्या के पीछे का मकसद पता नहीं लगा पाई है.
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स्थानीय लोगों ने देवानंद महाराज को मृदुभाषी धार्मिक व्यक्ति बताया, जिनका किसी से कोई निजी विवाद नहीं था. जांचकर्ता कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें व्यक्तिगत दुश्मनी, मठ की जमीन और संपत्ति से जुड़े विवाद और लूटपाट की कोशिश के हिंसक रूप लेने की संभावना शामिल है.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी होने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की एक टीम को घटनास्थल पर निरीक्षण किया. फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने महंत के कमरे से रक्त के नमूने, उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए.
पुलिस ने 'सेवादारों', ग्रामीणों और मठ में हाल ही में आए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. रात के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए चंद्रसाल गांव और बोरखेड़ा क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़कों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है.
महंत की हत्या से स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में आक्रोश
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मठ के अंदर महंत की हत्या से स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया है. प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर मामला अनसुलझा रहा तो वे आंदोलन करेंगे.
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंद्रसाल गांव और एमबीएस अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है और जनता को आश्वासन दिया है कि कई टीमें मामले की जांच कर रही हैं और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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कोटा के एएसपी सुमन चंद ने कहा, "पुलिस और एफएसएल की टीमें घटनास्थल पर हत्या के हर पहलू की जांच कर रही हैं. अपराध स्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं."