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सोनम रघुवंशी केस की स्टडी, अपाहिज बनाने का प्लान, फेक अकाउंट से मैसेज...केतन मर्डर केस की सुलझी मिस्ट्री, चार्जशीट दाखिल

केतन हत्याकांड की पुलिस ने मिस्ट्री सुलझा ली है. चार्जशीट में साजिश का पूरा ब्योरा सामने आया है. पुलिस ने राज खोला है कि कैसे मर्डर के लिए पॉडकास्ट का सहारा लिया, सोनम रघुवंशी केस की स्टडी की गई, फेक प्रोफाइल से केतन को मैसेज करके बुलाया गया.

Image Source: IANS
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केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे ग्रामीण पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है. चार्जशीट में पांच प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान भी शामिल हैं. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने आईएएनएस को यह जानकारी दी. 

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने शुरुआत में केतन को अपंग करने और गंभीर रूप से घायल करने की साजिश रची थी. इसके लिए उन्होंने दूसरे राज्यों के कुछ लोगों से संपर्क किया था. बाद में उन्हें लगा कि बाहरी व्यक्ति के पकड़े जाने से मामला सामने आ सकता है, इसलिए योजना बदल दी गई. पुलिस के अनुसार, संपर्क किए गए लोगों में से एक इस मामले में गवाह बन गया.

केतन की हत्या के लिए आरोपियों ने सुने कई पॉडकास्ट

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इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर खुद केतन की हत्या करने का फैसला किया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या से जुड़ी फिल्में देखीं, पुलिस से बचने के तरीकों से संबंधित कई पॉडकास्ट सुने और इस दौरान मेघालय के सोनम हत्याकांड का भी अध्ययन किया. पुलिस के मुताबिक, मार्च 2026 से हत्या की साजिश पर काम शुरू हुआ और मई में हत्या की योजना बनाई गई.

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कई इलाकों की हुई रेकी, लोहगढ़ का किला किया गया फाइनल

मई के आखिर में सिया और चेतन लोणावला गए और टाइगर प्वाइंट समेत कई पहाड़ी इलाकों की रेकी की. पुलिस के अनुसार, टाइगर प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की बात उनके ध्यान में आई थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लोहगढ़ को इसलिए चुना क्योंकि मार्च 2025 में वहां एक महिला की मौत हुई थी. आरोपियों को कथित तौर पर लगा कि केतन की मौत को सेल्फी लेते समय पहाड़ से गिरने की घटना बताया जा सकता है.

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सिया ने केतन की फाड़ दी पासपोर्ट, फिर कर दिया फ्लश!

पुलिस के अनुसार, 4 जून को सिया ने लोहगढ़ जाने की जिद की थी. आरोपियों की योजना बाली जाने से पहले केतन की हत्या करने की थी. 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने के दौरान सिया ने कथित तौर पर खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में केतन का पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया. इसके कारण बाली जाने की योजना पूरी नहीं हो सकी.

14 जून को भी हुई थी हत्या की प्लानिंग!

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इसके बाद 14 जून को सिया और केतन लोहगढ़ गए. पुलिस के अनुसार, सिया ने केतन को धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं गिरा. इसके बाद उसने कथित तौर पर 'सांप आया' कहकर बहाना बनाया, लेकिन यह कोशिश भी सफल नहीं हुई.

पुलिस ने बताया कि इसके बाद तीनों ने 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया. इस अकाउंट के लिए उनके परिचित एक लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था.

माही नाम के फेक अकाउंट से केतन को बुलाया गया लोहगढ़, फिर कर दी गई हत्या!

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पुलिस के अनुसार, 18 जून को इसी अकाउंट से केतन को संदेश भेजा गया कि वह सिया को लोहगढ़ लेकर आए, जहां उसका जन्मदिन मनाकर उसे सरप्राइज दिया जाएगा. पुलिस का दावा है कि इस पूरी योजना के पीछे रितेश हांगे था.

कैसे हुई लोहगढ़ में केतन की हत्या, खुल गया राज!

चार्जशीट के अनुसार, चेतन चौधरी गढ़ पर जाने वाले एक दूसरे रास्ते से ऊपर पहुंचा और मंदिर में जाकर बैठ गया. बाद में सिया ने उसे इशारा किया. केतन का ध्यान दूसरी ओर होने पर सिया ने कथित तौर पर पीछे से उसके कंधे पर धक्का दिया और चेतन ने उसके पैर पर धक्का दिया. इसके बाद चेतन ने कथित तौर पर उसे लात मारी, जिससे केतन नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई.

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पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद 'माही' नाम का फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया. पुलिस ने जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों समेत अन्य सामग्री भी जुटाई, जिसे चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है.

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100 गवाव, 5 प्रत्यक्षदर्शी बने चार्जशीट का हिस्सा!

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पुलिस ने अपनी चार्जशीट को पुख्ता बनाने के लिए 100 से अधिक गवाहों को शामिल किया है. उनमें 5 प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं. इसके अलावा मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), तस्वीरें, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल विश्लेषणों को वैज्ञानिक सबूत के रूप में अदालत में पेश किया गया है.

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