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ED की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अमित गांगुली गिरफ्तार, 4 दिन की हिरासत में भेजा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गांगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित गांगुली को 15 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया.

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19 Sep 2026
( Updated: 19 Sep 2026
01:39 PM )
ED की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अमित गांगुली गिरफ्तार, 4 दिन की हिरासत में भेजा
Image Credit: IANS
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बताया कि उसके अधिकारियों ने गांगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित गांगुली को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है.

कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

ईडी के एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गांगुली को 15 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने उन्हें पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश किया और चार दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया.

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जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप

एजेंसी ने बताया कि उसकी जांच कई व्यक्तियों और संस्थाओं से संबंधित अचल संपत्तियों के धोखाधड़ीपूर्ण अधिग्रहण, नियंत्रण और हस्तांतरण से जुड़ी है. ईडी ने बताया कि यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराधों से संबंधित कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. जांचकर्ताओं का आरोप है कि गांगुली ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर और विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य कपटपूर्ण तरीकों से मूल्यवान अचल संपत्तियों का अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण किया.

जांच में यह भी पता चला कि संपत्तियों पर झूठे अधिकार जताने के लिए जाली और मनगढ़ंत बिक्री विलेख, समझौते, पावर ऑफ अटॉर्नी, उपहार विलेख, बोर्ड प्रस्ताव और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था. आरोप है कि वास्तविक मालिकों के कब्जे और स्वामित्व अधिकारों में हस्तक्षेप करने के लिए भूमि और नगरपालिका अभिलेखों में हेरफेर किया गया था.

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ईडी ने दावा किया कि गांगुली ने भूस्वामियों के साथ संयुक्त उद्यम करके संपत्तियों पर विकास अधिकार प्राप्त किए, लेकिन उनके कानूनी हकों का पालन नहीं किया और इसके बजाय नियंत्रण जताने के लिए जाली दस्तावेज बनाए. इस तरह की गतिविधियों से प्राप्त आय और संपत्ति अधिकार पीएमएलए के तहत 'अपराध की आय' की श्रेणी में आते हैं.

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करीब 23 एफआईआर में नाम होने का दावा

यह ज्ञात है कि जांच के दौरान पहचानी गई अपराध की आय में मूल्यवान अचल संपत्तियां और संपत्ति अधिकार शामिल हैं. ईडी ने आगे दावा किया कि गांगुली का नाम लगभग 23 एफआईआर में दर्ज है और उन्होंने इस कार्यप्रणाली का उपयोग करके कई निवेशकों और भूस्वामियों को धोखा दिया है.

इससे पहले, ईडी ने 28 मार्च, 2026 को गांगुली के परिसर में तलाशी ली थी, जिसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए थे. जब्त सामग्री की जांच से पता चला कि रियल एस्टेट परियोजनाओं और अचल संपत्तियों से संबंधित मामलों में स्थानीय अधिकारियों पर उनका कथित प्रभाव था. आगे की जांच जारी है.

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