जम्मू-कश्मीर: गांदरबल में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ जारी, सुरक्षा बलों ने गांव घेर लिया
जंगल में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया था.
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जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार शाम को छिपे हुए आतंकवादियों के साथ उस वक्त मुठभेड़ शुरू हो गई, जब संयुक्त सुरक्षा बलों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एक गांव को घेर लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
गांदरबल में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ जारी
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खास खुफिया जानकारी मिलने के बाद, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ सहित संयुक्त बलों ने गांदरबल के अरहामा गांव को घेर लिया.
सूत्रों ने बताया कि जैसे ही सुरक्षा बल छिपे हुए आतंकवादियों के करीब पहुंचे, उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है.
एक सूत्र ने बताया कि आतंकवादियों के भागने के सभी रास्ते सील कर दिए गए हैं. माना जा रहा है कि गांव में दो आतंकवादी छिपे हुए हैं और उनके साथ लगातार गोलीबारी चल रही है.
उत्तरी कश्मीर का गांदरबल जिला अब तक आतंकवादियों की मौजूदगी से मुक्त माना जाता रहा है और यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय है.
2024 को आतंकवादियों ने गांदरबल में सात लोगों को मारा था
20 अक्टूबर 2024 को आतंकवादियों ने गांदरबल के गगनगीर इलाके में, सोनमर्ग जेड-मोरह सुरंग निर्माण स्थल के पास, मजदूरों के एक कैंप पर हमला किया था. उस आतंकी हमले में सात लोग, छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर, मारे गए थे, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे.
इस हमले में अहम जेड-मोरह टनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया गया था. यह हमला शाम के समय गांदरबल जिले के गागनगीर इलाके में हुआ था, जहां मजदूर अपने कैंप में लौट आए थे.
आतंकवादियों ने बैसरन घास के मैदान में 25 नागरिकों की हत्या कर दी
इसी तरह, 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में 25 नागरिकों की हत्या कर दी, जिनमें 24 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू मालिक शामिल थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस ने बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं.
अक्टूबर 2024 में सोनमर्ग (गागनगीर) टनल निर्माण स्थल पर सात लोगों की हत्या और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में 25 नागरिकों की हत्या में शामिल तीनों आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन के दौरान मार गिराया. इन अपराधियों को भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक संयुक्त अभियान में मार गिराया गया, जिसे ऑपरेशन महादेव कोड-नाम दिया गया था.
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सुरक्षा बलों ने पुष्टि की थी कि पहलगाम और सोनमर्ग टनल पर हुए हमलों से जुड़े तीन आतंकवादियों को श्रीनगर में महादेव पर्वत चोटी की तलहटी में 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मार गिराया गया.
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