Advertisement
बंगाल में पुलिस वैन में मां काली की मूर्ति को ले जाने के आदेश देने वाले IPS नपे, CM सुवेंदु ने 5 अफसरों को किया सस्पेंड
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने तृणमूल सरकार से जुड़े पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इसमें एक ऐसे IPS भी हैं, जिनके राज में मां काली की मूर्ति विखंडित हुई थी, फिर उसे पुलिस वैन में ले जाने का आदेश दिया गया था. अब इस मामले में सख्त एक्शन हुआ है.
Advertisement
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बीते दिनों पांच पुलिस अधिकारियों पर सख्त एक्शन लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया. ये अधिकारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार के दौरान विवादों में घिरे थे और उन पर पक्षपातपूर्ण आचरण का आरोप था.
मां काली की मूर्ति को पुलिस वैन में ले जाने का दिया था आदेश, नप गए IPS
इसमें एक IPS अधिकारी हैं IPS कोटेश्वर राव. जिनके कथित तौर पर सुंदरबन के SP रहते हुए मां काली की मूर्ति को सांप्रदायिक तत्वों द्वारा क्षत-विक्षत की गई और फिर पुलिस मां काली की टूटी मूर्ति को कैदियों को ले जाने वाली पुलिस वैन में ले गई. इसका वीडियो काफी वायरल हुआ. इस दौरान काफी प्रदर्शन भी हुआ, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था. करोड़ों सनातनियों की आस्था भी आहत हुई थी.
Advertisement
IPS कोटेश्वर राव को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है!
Advertisement
अब जाकर सीएम सुवेंदु ने तत्काली SP को संस्पेंड कर दिया है. कोटेश्वर राव को सीएम ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है और आरोप है कि उनके एक्शन पक्षपाती रहे और TMC के पक्ष में कार्य किया. उनके डायमंड हार्बर सांसद और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी से भी काफी अच्छे संबंध बताए जाते हैं.
आपको बता दें कि अक्टूबर 2025 में स्थानीय लोगों ने सूर्य नगर में काली पूजा के दौरान मां काली की मूर्ति में तोड़-फोड़ का विरोध किया था. तत्कालीन सुंदरबन के SP IPS कोटेश्वर राव ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने और सिर कटी मूर्ति को जेल की वैन में थाने ले जाने का आदेश दिया था. बीजेपी ने तब इसको लेकर ममता सरकार पर निशाना भी साधा था.
Advertisement
सीएम सुवेंदु ने 5 पुलिस अधिकारियों को किया सस्पेंड
आपको बता दें कि छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र के समापन दिवस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने निलंबित किए गए पांच अधिकारियों के नामों की घोषणा की. इन अधिकारियों में एक भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी भी शामिल है.
निलंबित आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पूर्व अधीक्षक थे. वे तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते थे.
Advertisement
बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सुंदरबन पुलिस जिला में मां काली की विखंडित मूर्ति को तत्काली SP कोटेश्वर राव द्वारा पुलिस वैन में ले जाने का आदेश दिया गया था, अब उसी IPS को सीएम सुवेंदु ने सस्पेंड कर दिया है. ममता-अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं राव.#IPSKoteshwarRao #Bengal pic.twitter.com/TZ2A3G0NPc
— Keshav Kumar (@keshavjha25) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 27, 2026
कौन-कौन अधिकारी सस्पेंड हुए!
निलंबित किए गए अन्य चार अधिकारी हैं: उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मोअज्जम हुसैन, कोलकाता पुलिस के अंतर्गत बरतला पुलिस स्टेशन के पूर्व ऑफिसर-इन-चार्ज सुबर्ण दत्ता चौधरी, बरतला पुलिस स्टेशन के पूर्व सब-इंस्पेक्टर साधन पांडे, और नादिया जिले के कृष्णानगर पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अमलेंदु बिस्वास.
Advertisement
मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल (2021 से 2026) के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुलिस का दुरुपयोग किया गया. सनातन धर्म का पालन करने वालों की भावनाएं आहत हुईं.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद इस साल मई में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद सीएम अधिकारी ने अगस्त 2024 में कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कर्तव्य में लापरवाही के आरोपी तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था.
बंगाल में बढ़ाई गई निलंबित समय अवधि
Advertisement
उस मामले में निलंबित किए गए तीन आईपीएस अधिकारी विनीत कुमार गोयल (तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त), अभिषेक गुप्ता (तत्कालीन पुलिस उपायुक्त, उत्तरी प्रभाग), और इंदिरा मुखर्जी (तत्कालीन पुलिस उपायुक्त, मध्य प्रभाग) थे. उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए थे.
यह भी पढ़ें
इसी महीने की शुरुआत में, आईपीएस अधिकारियों के निलंबन की अवधि 120 दिनों के लिए बढ़ा दी गई थी. इस बीच, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा कि उनके प्रशासन में शासन में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.