'20 साल से मारना चाहता था…', जम्मू में शादी समारोह के दौरान फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग, जानें कौन है हमलावर कमल सिंह
जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई. उस समय उनके साथ डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे. हमलावर ने अचानक फायरिंग कर दी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए.
जम्मू-कश्मीर की राजनीति से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना बुधवार देर रात सामने आई, जब जम्मू के एक शादी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई. यह घटना उस समय हुई जब वे एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. अचानक हुई फायरिंग से समारोह में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा होने से बच गया और डॉ. फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए.
शादी समारोह में अचानक चली गोली
पुलिस के अनुसार यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित रॉयल पार्क में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई. कार्यक्रम में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद थीं. डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी समारोह में शामिल थे. इसी दौरान अचानक एक व्यक्ति ने रिवॉल्वर निकालकर फायरिंग कर दी.
सुरक्षाकर्मियों की सक्रियता से टला बड़ा हादसा
मौके पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत स्थिति संभाल ली. पुलिस और एनएसजी कमांडो पहले से ही डॉ. फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में तैनात थे. जैसे ही हमलावर ने गोली चलाई, सुरक्षाकर्मियों ने तेजी से उसे काबू में कर लिया. इसी त्वरित कार्रवाई की वजह से कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और जिस हथियार से गोली चलाई गई थी उसे भी जब्त कर लिया गया है. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि फायरिंग के बाद मौजूद लोगों ने हमलावर को घेर लिया और उसे पकड़ लिया. वीडियो में कुछ लोग आरोपी को मारते-पीटते भी नजर आ रहे हैं. पुलिस ने आरोपी को तुरंत सुरक्षित हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
कौन है हमलावर कमल सिंह जामवाल?
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर का नाम कमल सिंह जामवाल है. वह जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार उसका जन्म वर्ष 1963 में हुआ था. ओल्ड सिटी इलाके में उसकी कई दुकानें हैं और वह उन्हीं दुकानों से मिलने वाले किराए से अपना जीवनयापन करता है.
20 साल से बना रहा था हमले की योजना
पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो बात बताई, उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया. आरोपी का कहना है कि वह पिछले करीब 20 साल से डॉ. फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था. उसने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि यह उसका निजी एजेंडा था. जिस पिस्तौल से गोली चलाई गई, वह उसी की निजी बंदूक बताई जा रही है.
चश्मदीदों ने बताया पूरा घटनाक्रम
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इस पूरे मामले को लेकर कई अहम बातें बताई हैं. शादी समारोह में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह कार्यक्रम नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के लीगल सेल के अध्यक्ष की बेटी की शादी का था. उन्होंने बताया कि सभी लोग कार्यक्रम में बैठे हुए थे और माहौल पूरी तरह सामान्य था. तभी डॉ. साहब ने कहा कि अब हमें निकलना चाहिए. जैसे ही लोग उठकर जाने लगे, तभी एक व्यक्ति अचानक डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पीछे पहुंच गया और उसने रिवॉल्वर तान दी. उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसे हटाने की कोशिश की और गोली ऊपर की ओर निकल गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय सुरक्षा व्यवस्था उतनी मजबूत नजर नहीं आ रही थी जितनी होनी चाहिए थी.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. उन्होंने साफ कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं और आरोपी पुलिस की हिरासत में है. मंत्री ने इस घटना को सुरक्षा में संभावित चूक से भी जोड़ते हुए कहा कि ऐसे मामलों से सबक लेना जरूरी है.
उमर अब्दुल्ला ने कहा अल्लाह का रहा रहम
इस बीच अपने पिता पर हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अल्लाह रहम दिल है और उनके पिता एक बड़े खतरे से बाल-बाल बच गए. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेड प्लस और एनएसजी जैसी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कोई व्यक्ति इतनी नजदीक तक कैसे पहुंच गया.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके.
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