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बिहार की सियासत में कैसे बढ़ा सम्राट चौधरी का राजनीतिक कद? सच हुई अमित शाह की वो भविष्यवाणी
सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली, लेकिन असली मुकाम BJP में हासिल किया. हालांकि वह RJD और JDU में भी सक्रिय नेता रहे हैं.
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बिहार में BJP के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है. पहली बार सत्ता की सबसे ऊंची गद्दी पर BJP का कोई चेहरा काबिज होगा. नीतीश शासन का अंत और BJP के उदय के साथ ही बिहार में सम्राट चौधरी अगले मुख्यमंत्री होंगे.
पटना में विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्राट चौधरी के नेता चुने जाने की घोषणा की. भले ही सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत RJD से की हो, लेकिन BJP ने उन्हें सब कुछ दिया जो एक आम राजनीतिक कार्यकर्ता की इच्छा होती है.
सम्राट चौधरी को विरासत में मिली राजनीति
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सम्राट चौधरी बचपन से ही राजनीति को करीब से देखते आ रहे हैं. उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार में RJD के बड़े नेता रहे हैं. उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं और माता पार्वती देवी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी भी मुंगेर के तारापुर से विजयी हुए. BJP से पहले वे RJD और JDU में भी रह चुके हैं.
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जानें सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और 19 मई 1999 को बिहार सरकार में कृषि मंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने 2000 और 2010 में परबत्ता (विधानसभा क्षेत्र) से चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए. 2010 में, उन्हें बिहार विधानसभा में विपक्षी दल का मुख्य सचेतक बनाया गया.
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वहीं, साल 2018 से उनकी पहचान BJP नेता के रूप में है. 2019 में जब नित्यानंद राय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, तो सम्राट चौधरी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद BJP में वे कद्दावर नेता बने. जब नीतीश कुमार ने BJP से नाता तोड़कर राजद के साथ महागठबंधन सरकार बनाई थी, तब सम्राट चौधरी को बड़ी सियासी पहचान मिली.
सम्राट चौधरी ने क्यों बांधा था मुरैठा?
सम्राट चौधरी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बने. उन्होंने उस दिन नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद ही मुरैठा (पगड़ी) खोलने की बात कहकर सिर पर मुरैठा बांध ली. साल 2023 में सम्राट चौधरी BJP के प्रदेश अध्यक्ष बने, इसके बाद जब नीतीश कुमार दोबारा से NDA में वापसी की, तो वे उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए.
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साल 2025 में BJP की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें उप मुख्यमंत्री के साथ गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी. ऐसा पहली बार हुआ था जब नीतीश कुमार ने CM रहते गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी छोड़ी थी.
जब अमित शाह ने कहा था- ‘बड़ा आदमी बनाऊंगा’
अक्टूबर 2025 में तारापुर विधानसभा में अमित शाह सम्राट चौधरी के लिए प्रचार करने आए थे. यहां जनसभा में शाह ने सम्राट चौधरी को भविष्य का मुख्यमंत्री बनाने के संकेत दे दिए थे. अमित शाह ने कहा था,
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‘मैं जहां भी जाता हूं लोग मुझसे कहते हैं कि मेरे विधायक को मंत्री बना दीजिए, लेकिन तारापुर की जनता को बना बनाया उपमुख्यमंत्री मिला है. आप उसे यहां से प्रचंड मतों से विजयी बना के पटना भेजे और भरोसा रखिए कि PM नरेंद्र मोदी उन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे.’
चुनावी शोर और जीत के जोश में कही गई शाह की वो बात इस तरह सच साबित होगी, शायद खुद सम्राट चौधरी ने भी नहीं सोचा होगा. बिहार में NDA की सरकार को आए महज 6 महीने हुए हैं ऐसे में सम्राट चौधरी के पास पूरे साढ़े 4 साल का समय है या यूं कहे एक बड़ा मौका है, जिसके दम पर वह बिहार की सत्ता में अपना कद और भी मजबूत कर सकते हैं. हालांकि उनकी इस नई पारी में कई चुनौतियां भी हैं. ऐसे में देखना होगा, सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के तौर पर जनता के दिल में कितने खरे उतरते हैं.
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